पूर्व सैनिक सेवा परिषद का बड़ा बयान, प्रधानमंत्री से की सीमा पर भेजने की मांग

- चाइनीज वस्तुओं के खिलाफ पूर्व सैनिकों ने खोला मोर्चा

- सीमा पर लड़ने को तैयार हैं पूर्व सैनिक

By: Narendra Awasthi

Published: 17 Jun 2020, 09:25 PM IST

उन्नाव. चाइनीज वस्तुओं को खरीद कर हम चीन की फौज को मजबूत कर रहे हैं। धीमे धीमे ही सही हमें चीन की वस्तुओं का पूर्णरूपेण बहिष्कार करना चाहिए। पूर्व सैनिक सेवा परिषद के नेतृत्व में पूर्व सैनिक जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने चीन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वंदे मातरम, भारत माता की जय, जय हिंद के नारों के बीच पूर्व सैनिकों ने कहा कि वह सीमा पर एक बार फिर जाने को तैयार हैं।

पूर्व सैनिक सेवा परिषद के जिला अध्यक्ष संजय सिंह चौहान ने कहा कि चीन हमेशा से अपना चरित्र दोहराता है। भारत चीन के काल कपोल भाईचारे का पूर्व सैनिक सेवा परिषद खंडन करती है। 1962 से 2020 तक 58 वर्षों में चीन ने केवल विश्वासघात किया है।

उन्होंने कहा कि हम पहले भी कहते आए हैं कि पाकिस्तान चीन भारत के सबसे बड़े दुश्मन है। धोखेबाज चीन बड़ा भाई है। जिससे हमें अधिक अपेक्षा नहीं करनी चाहिए। मेरा अपने देशवासियों से साथ-साथ अपने प्रधानमंत्री से अपील है कि धीमे-धीमे ही सही चाइनीज सामान का पूर्ण रूप से बहिष्कार करना चाहिए। चीनी सामान खरीदने से प्राप्त हुआ धन हमारे ही विरुद्ध चीनी फौज को मजबूत करने में काम आता है। यह बात हमें गंभीरता से सोचना चाहिए। हम अपनी मौजूदा सरकार पर भरोसा करते हैं। देश सुरक्षा के मामले में हमें अभी तक सरकार ने निराशा नहीं किया है। हमारी फौज का आत्मबल, हमारी फौज की व्यू रचना दुनिया में बेहतरीन सैनिकों में गिना जाता है। इसलिए हम पूर्व सैनिक अपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ आशा भरी नजरों से देख रहे हैं। हम पूर्व सैनिक अभी तक भी कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। देश अपने शहीद सैनिकों के बदले कुछ और सुनना चाहता है। देश को यदि हो सकता पड़े तो पूर्व सैनिक सेवा परिषद के पूर्व सैनिक सदस्य आज भी लड़ाई पर जाने को तैयार हैं। प्रधानमंत्री के आदेश करें हम हाजिर हैं। पूर्व सैनिक सेवा परिषद के सदस्यों ने वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर विष्णु कुमार गौड़, जटाशंकर तिवारी, आशुतोष मिश्रा अन्य लोग शामिल थे।

Narendra Awasthi
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