जिले में बाढ़ का कहर, खतरे के निशान से ऊपर गंगा का पानी

Akansha Singh | Publish: Sep, 06 2018 11:18:37 AM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

गंगा का जलस्तर जैसे जैसे खतरे का निशान को पार कर ऊपर आ रहा है, वैसे वैसे कटरी क्षेत्र ही नहीं उसके बाहर भी लोगों की रात की नींद उड़ गई है।

उन्नाव. गंगा का जलस्तर जैसे जैसे खतरे का निशान को पार कर ऊपर आ रहा है, वैसे वैसे कटरी क्षेत्र ही नहीं उसके बाहर भी लोगों की रात की नींद उड़ गई है। एक सैकड़ा से अधिक गांव में गंगा का पानी प्रवेश कर चुका है और बाढ़ की स्थिति उत्पन्न है। बाढ़ की विकराल स्थिति को देखते हुए एसडीआरएफ की टीम प्रभावित क्षेत्रों में भेजी गई है। बताया जाता है अभी और बाढ़ की स्थिति विकराल होगी। जब नरौरा बांध से छोड़ा जाने वाला पानी जनपद की सीमा में पहुंचेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे की खबर ने जिला प्रशासन के माथे पर बल ला दिया है। कार्यक्रम स्थल की रूपरेखा तैयार करने के लिए प्रशासनिक अमला सभी मौके पर पहुंचे। जनपद के प्रभारी मंत्री के साथ क्षेत्रीय विधायक व अन्य सामाजिक संगठन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों कि मदद के लिए आगे आ रहे हैं। जहां उन्हें राहत प्रदान की जा रही है।


स्थिति और विकराल होने की संभावना

सरकारी आंकड़ों पर गौर किया जाए तो बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 118 नाव लगाई गई है। इसके अतिरिक्त लगभग 13000 लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया गया है। अब तक एक करोड़ की फसल बाढ़ की भेंट चढ़ चुकी है, जबकि लगभग 72000 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। पशु भी बड़ी संख्या में प्रभावित हैं। जिनकी संख्या 10000 से ऊपर है। गंगा के किनारे स्थित बांगरमऊ सदर कुआं बीघापुर तहसील के गांव की स्थिति काफी दयनीय हो चुकी है प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों को निकाल कर सुरक्षित ठिकाने पर पहुंचाया है। जिला प्रशासन की मांग पर एसडीआरएफ की टीम भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच गई। जहां उन्होंने राहत और बचाव कार्य किया। बाढ़ की स्थिति क्या है सी चकलवंशी मार्ग के ऊपर से गंगा का पानी बह रहा है। गंगा खतरे के निशान 113 मीटर को 20 सेंटीमीटर पार कर चुका है।


बाढ़ प्रभावित लोगों को मदद मिलने में अनियमितता

बाढ़ प्रभावित लोगों से बात करने पर उन्होंने प्रशासन के प्रति रोष व्यक्त किया शुक्लागंज कटरी क्षेत्र की रहने वाली मालती ने बताया कि बाढ़ ने उनका सब कुछ बहा ले गई। अब आजाद मार्ग के बीच बने डिवाइडर ही उनका आशियाना है। प्रशासन से मदद पर पूछे गए सवाल पर मालती ने बताया कि उन लोगों को किसी भी प्रकार की कोई मदद नहीं मिली है। वह लोग किसी प्रकार अपना गुजर बसर कर रहे हैं। शुक्लागंज के दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में है अपने घरों को छोड़कर लोग बाहर निकल आए हैं। अटिया, कबूलपुर, गुरुदीन खेड़ा, बरुआ घाट, उमरपुर जैसे गांव में जल सैलाब है। इसी प्रकार प री हर क्षेत्र में बंधन पुरवा, बाबु बंगला, नगला, देवी पुरवा सहित कई गांव बाढ़ की चपेट में है। चकलवंशी से परियर होते हुए बिठूर कानपुर जाने वाले मार्ग पर भी गंगा का जल बह रहा है। सड़क नीचे से बह गई है। जिसके कारण उस मार्ग का आवागमन बंद कर दिया गया।


प्रशासन के साथ क्षेत्रीय विधायक व सामाजिक संगठन मदद के लिए आगे आए

प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री प्रदान करने के लिए जिला प्रशासन के साथ सामाजिक संगठन भी आगे आ रहे हैं। जनपद प्रभारी मंत्री रमापति शास्त्री के साथ क्षेत्र के विधायक पंकज गुप्ता, बृजेश रावत, बंबा लाल दिवाकर ने बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत सामग्री बांटी। हिंदू जागरण मंच, हिंदू युवा वाहिनी के साथ अन्य सामाजिक संगठन बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं।

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