आज से एआरटीओ में महिलाओं को मिली बड़ी सुविधा

- एआरटीओ कार्यालय में महिलाओं की सुविधा के लिए महिला हेल्प डेस्क का शुभारंभ

 

By: Narendra Awasthi

Published: 25 Oct 2020, 07:52 PM IST

उन्नाव. परिवहन विभाग द्वारा जनपद में महिलाओं व बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वालंबन के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है विगत 17 अक्टूबर से शुरू हुआअभियान आज 25 अक्टूबर तक चलाया गया। इस दौरान महिलाओं व बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वालंबन के लिए चालक-कंडक्टर को विशेष रुप से जागरूक किया गया। अपने संबोधन में उप संभागीय परिवहन अधिकारी नेे कहा महिलाओं के साथ सम्मान व आदर सहित व्यवहार किया जाना चाहिए। इस मौके पर निजी बस चालक व परिचालकों को यातायात के नियमों के विषय में जानकारी के साथ महिला सुरक्षा के उपायों पर चर्चा की गई। कार्यालय में महिला हेल्प डेस्क का गठन किया गया। जहां विमेन हेल्पलाइन नंबर, चाइल्ड हेल्पलाइन, पुलिस, फायर बिग्रेड, एंबुलेंस आदि सेवाओं के नंबर प्रदर्शित किए गए।

एआरटीओ ने महिला हेल्पडेस्क के विषय में बताया

महिला हेल्पडेस्क का शुभारंभ करते हुए एआरटीओ अनिल कुमार त्रिपाठी नेे कहा कि हेल्पडेस्क गठन का उद्देश्य, कार्यालय में आने वाली महिलाओं एवं बालिकाओं को अपना सम्मान देना है। उनका कार्य प्राथमिकता के आधार पर निर्बाध रूप से संपन्न कराया जा सके। कार्यालय में अभी कोई महिला कार्मिक की तैनाती न होने के कारण इस हेल्प डेस्क काउंटर पर कार्यालय के वरिष्ठ सहायक मधुसूदन मिश्रा को नामित किया गया है। भविष्य में महिला कार्मिक की तैनाती पर इस कार्य को करने के लिए नामित कर दिया जाएगा। इस दौरान पीटीओ हरे राम पांडे ने कहा कि बालिकाओं व महिलाओं के सम्मान की रक्षा हेतु परिवहन विभाग सदैव तैयार है।

हरे राम पांडे ने कहा महिला पहली प्राथमिकता

पीटीओ हरे राम पांडे ने कहा कि बालिकाओं, महिला यात्रियों को प्राथमिकता से सीट उपलब्ध कराई जाए। यात्रा के दौरान उनका सम्मान किया जाए। उन्होंने कहा कि इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि कोई अन्य पुरुष यात्री द्वारा महिलाओं के साथ दूर व्यवहार न किया जाए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में अवधेश सिंह, अशोक मिश्रा, अशोक कुमार वर्मा के साथ कई समाजसेवी कार्यकर्ता चालक परिचालक शामिल थे।

Narendra Awasthi
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned