विद्युत विभाग ने काटी थाने की बिजली, फिर कोतवाली प्रभारी ने ऐसे दिखाई गुंडई

विद्युत विभाग ने काटी थाने की बिजली, फिर कोतवाली प्रभारी ने ऐसे दिखाई गुंडई

Nitin Srivastava | Publish: Mar, 14 2018 12:46:08 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

कानपुर महानगर से सटे होने के कारण गंगाघाट कोतवाली का अपना विशेष महत्व है...

उन्नाव. गंगाघाट कोतवाली में विद्युत विभाग के एसडीओ के खिलाफ जिस प्रकार से कोतवाली प्रभारी के साथ एक अन्य इंस्पेक्टर जिस प्रकार मौखिक रूप से हमलावर हैं। उसे किसी भी प्रकार से जायज नहीं कहा जा सकता है। कोतवाली प्रभारी का एसडीओ को मुकदमा पंजीकृत कराने का खुलेआम धमकी देना पुलिस की विकृत मानसिकता को दर्शाता है। ऐसे में जबकि दोनों विभाग सरकारी हैं। जिसमें एक राजस्व वसूली में लगा है तो दूसरा उस में अड़चनें पैदा करने को तत्पर है। अपराधियों के साथ पुलिस किस प्रकार का आचरण करती है। यह बताने की आवश्यकता नहीं है। कानपुर महानगर से सटे होने के कारण गंगाघाट कोतवाली का अपना विशेष महत्व है। फिर गंगा कटरी का पूरा क्षेत्र भी इन्हीं के नियंत्रण में है। इस संबंध में बातचीत करने पर अधिशासी अभियंता द्वितीय ने बताया कि पुलिस अधीक्षक से बातचीत हुई है। उन्होंने कहा है कि शीघ्र ही बिल का भुगतान कर दिया जाएगा। उसके बाद थाने का कनेक्शन जोड़ दिया गया। FIR की धमकी पर उन्होंने कहा कि हम लोगों को इस तरह की स्थिति का सामना अक्सर करना पड़ता है। जहां आम लोग उनको देख लेने की धमकी देते हैं। फिर यह तो पुलिस विभाग है।

 

बकाएदारों के खिलाफ हो रही कार्रवाई

अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड द्वितीय राज मंगल सिंह ने बताया कि शासन से सख्त निर्देश हैं बिजली के बड़े बकाएदारों के खिलाफ कनेक्शन काट कर पैसे वसूली की कार्रवाई की जाए। इसी क्रम में एसडीओ गंगा घाट थाना पहुंचकर विभागीय कार्रवाई को अंजाम दिया। उन्होंने बताया कि गंगा घाट कोतवाली का विद्युत बिल लगभग 8 लाख 60 हजार रुपए बकाया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पुलिस अधीक्षक से बातचीत होने के बाद गंगाघाट थाने का कनेक्शन जोड़ दिया गया है। कोतवाली प्रभारी व एक अन्य इंस्पेक्टर द्वारा एसडीओ को दी गई धमकी पर उन्होंने कहा एसडीओ ने उन्हें जानकारी दी है कि किस प्रकार मुकदमा पंजीकृत कराने की धमकी दी गई। उनके यहां इस प्रकार की धमकी आम हो चुकी है। जिस व्यक्ति का भी कनेक्शन काटने जाइए। वह देख लेने की धमकी देता है। फिर यह तो पुलिस वाले हैं।

 

स्वास्थ्य पेयजल को मिली है छूट

श्री सिंह ने बताया कि वह शासन के निर्देशों पर काम करते हैं । शासन की मंशा है कि सरकारी कार्यालयों से भी बिजली बिल की वसूली की जाए। अगर ना मिले तुम का कनेक्शन काट दिया जाए। स्वास्थ्य और पेयजल विभाग को केवल बिजली कनेक्शन काटने से छूट मिली है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग पर एक करोड़ से ज्यादा का बकाया है। इसी प्रकार पेयजल, टेलीफोन, शिक्षा विभाग, खंड विकास कार्यालय आदि भी बकाएदारों की लिस्ट में है। भुगतान के संबंध में उन्होंने बताया कि विभाग को जितनी लिमिट मिलती है। उसका वह भुगतान कर देते हैं। लेकिन बिजली खर्चा शासन से मिलने वाले बजट से कई गुना अधिक होता है। उन्होंने बताया कि बकाएदारों खिलाफ वसूली की कार्रवाई के साथ कनेक्शन काटने का कार्य भी जारी रहेगा।

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