पति ने विदेश से कहा तलाक तलाक तलाक, फिर किया निकाह, और अब दोबारा इसलिए दे दिया तलाक

विवाहिता ने पति व सास ससुर के खिलाफ दर्ज कराया दहेज उत्पीड़न का मुकदमा...

उन्नाव. क्या शादी गुड्डे गुड़ियों का खेल है कि जब चाहा तलाक तलाक तलाक कहकर तोड़ दिया और जब चाहा जोड़ लिया। जैसे-जैसे तीन तलाक पर चर्चाएं तेज हो रही हैं। उसी प्रकार इस तरह के मामलों के नाटकीय रूप भी सामने आ रहे हैं।

 

फोन पर तलाक तलाक तलाक

इसी प्रकार का एक मामला जनपद उन्नाव में आया है। जहां पति ने लड़ाई के बाद विदेश से फोन पर तलाक तलाक तलाक कहकर अपनी शादी तोड़ दी और पत्नी को बेसहारा कर दिया। लेकिन मुस्लिम महिला ने अपना ससुराल न छोड़ने की ठान रखी थी। इसी बीच दबाव बनने पर पुरुष ने एक बार फिर उसी तलाकशुदा महिला से शादी कर ली। कुछ दिन ठीक बीते। बाद में पति ने महिला को फिर छोड़ दिया। इधर ससुराल वालों ने भी प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।

 

पुलिस की शरण में गई महिला

इस पर मुस्लिम महिला ने भारतीय संविधान के तहत मिले अधिकारों का प्रयोग करते हुए पुलिस की शरण में आई। लेकिन उसने न्याय मिलता न देख जनपद मुख्यालय में जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई। यहां से न्याय मिलता न देख उसने मुख्यमंत्री के दरबार में अपनी शिकायत रखी। उसके बाद हरकत में आई पुलिस ने सक्रियता दिखाई और मुस्लिम महिला को न्याय दिलाने के लिए एक कदम बढ़ाया।

तलाक के बाद दोबारा 2016 में किया निकाह

मामला बिहार थाना क्षेत्र के गांव सवाइन का है। उक्त गांव निवासी महिला वसीमा पुत्री अब्दुल गुलशन की शादी गांव के ही रहने वाले जलालुद्दीन उर्फ जलाल पुत्र शमशुद्दीन के साथ 4 मई 2008 को हुई थी। शादी के बाद सब कुछ सामान्य चल रहा था। इसी बीच जलालुद्दीन विदेश में कमाने के लिए चला गया। विदेश में रहने के दौरान ही जलालुद्दीन का पत्नी व सीमा के साथ अनबन हुई और 2016 फरवरी में उसने विदेश से ही फोन पर तलाक तलाक तलाक बोलकर संबंध विच्छेद कर लिया। फोन पर तलाक तलाक तलाक सुनकर वसीमा के पैरों तले जमीन खिसक गई। परंतु उसने तलाक के बाद भी ससुराल न छोड़ने का निश्चय किया और अपने पति के घर में ही रह रही थी।

 

पुलिस ने किया मामला दर्ज

घर और परिवार वालों के लगातार दबाव पड़ने पर जलालुद्दीन उर्फ जलाल ने 17 दिसंबर 2016 को वसीमा से दोबारा निकाह कर लिया। कुछ दिन सही चला फिर जलालुद्दीन और वसीमा में अनबन हुई। जिसके बाद जलालुद्दीन ने वसीमा को छोड़ दिया और अलग रहने लगा। परंतु उसने तलाक नहीं दिया। इधर वसीमा ने ससुराल न छोड़ने की जिद कर रखी थी। ससुराल वालों ने वसीमा को जबरन घर से निकाल दिया। इसके बाद वसीमा पुलिस के शरण में गई। थानाध्यक्ष बिहार मोहम्मद अशरफ ने बताया कि 18 जून 2017 को वसीमा की तहरीर पर पुलिस ने पति और सास ससुर के खिलाफ 498 ए धारा के अंतर्गत दहेज उत्पीड़न का मुकदमा पंजीकृत कर लिया है और आगे की करवाई की जा रही है।

नितिन श्रीवास्तव
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