क्या जिला अस्पताल में चल रहा है गलत काम, डीएम ने नगर मजिस्ट्रेट को दी मामले की जांच

क्या जिला अस्पताल में चल रहा है गलत काम, डीएम ने नगर मजिस्ट्रेट को दी मामले की जांच

Nitin Srivastava | Publish: Mar, 14 2018 10:14:12 AM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

जांच को पहुंची टीम ने निजी चालक को ऑपरेशन थिएटर के अंदर से पकड़ा, सौंपा पुलिस को...

उन्नाव. जिला अस्पताल में व्याप्त अनियमितताओं थमने का नाम नहीं ले रही हैं । डॉक्टरों को छोड़िए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के निजी कर्मी जिला अस्पताल के प्रतिबंधित क्षेत्र में मौजूद रहते हैं। लगातार आ रही शिकायतों के बाद जिलाधिकारी ने नगर मजिस्ट्रेट को मामले की जांच दी। गोपनीय तरीके से हुई जांच में नगर मजिस्ट्रेट ने महिला विभाग की CMS के चालक को ऑपरेशन कक्ष के अंदर से पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। यह बात अलग है कि CMS की गलती मानने के बाद चालक को रिहा कर दिया गया। परंतु इससे यह बात साफ है कि जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक की कार्यप्रणाली संदिग्धता के घेरे में है। महिला विभाग की तरह पुरुष विभाग में भी CMS का एक निजी कर्मी खुलेआम जिला अस्पताल में अपनी मौजूदगी दर्ज कराता है और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के कक्ष में बैठकर जिला अस्पताल में अपने अहम रोल को दर्शाता है। यह अभी जांच का विषय है।

 

वसूली की शिकायत पर पहुंचे नगर मजिस्ट्रेट

जिलाधिकारी रवि कुमार एनजी के पास शिकायत पहुंची की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अंजू द्विवेदी का चालक जिला अस्पताल में मरीज के तीमारदारों से वसूली करता है। ऑपरेशन के समय वह ऑपरेशन कक्ष में भी मौजूद रहता है। जिलाधिकारी ने शिकायत मिलने पर नगर मजिस्ट्रेट रामप्रसाद कुछ जांच करने के निर्देश दिए। जिला अस्पताल पहुंचे नगर मजिस्ट्रेट ने सीएमओ डॉ. एस पी चौधरी डिप्टी सीएमओ डॉ. नरेंद्र सिंह को लेकर महिला अस्पताल के ऑपरेशन कक्ष में छापा मारा। जहां पर सीएमएस डॉ अंजू द्विवेदी का निजी चालक उमाशंकर भी ऑपरेशन थिएटर के अंदर मिला। मौके पर मिले उमाशंकर को नगर मजिस्ट्रेट ने पकड़कर कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया और अपनी जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को दी।

 

पहले भी हो चुकी है शिकायत

गौरतलब है कुछ माह पूर्व जिला अस्पताल की महिला कर्मचारी ने शिकायत की थी कि ऑपरेशन थिएटर में ऑपरेशन के वक्त बाहरी व्यक्ति मौजूद रहता है। मामला तूल पकड़ता इसके पहले ही मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने शिकायतकर्ता से वार्ता कर मामले को दबाने का काम किया। इधर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंजू द्विवेदी ने चालक को ऑपरेशन थिएटर के अंदर से गिरफ्तार करने पर जिलाधिकारी को स्पष्टीकरण देते हुए माफी मांगी और भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति नहीं होने को कहा। जिलाधिकारी चेतावनी देते हुए सख्त हिदायत के साथ चालक को रिहा करने का निर्देश दिया।

 

CMS महिला और पुरुष विभाग पति-पत्नी

गौरतलब है कि मुख्य चिकित्सा अधीक्षक महिला डॉ. अंजू द्विवेदी और पुरुष विभाग के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डीके द्विवेदी पति-पत्नी है। जिनके खिलाफ कई शिकायतें आ चुकी हैं और इन की कार्यप्रणाली भी संदिग्ध है। महिला विभाग की तरह पुरुष विभाग में भी CMS का निजी कर्मी जिला अस्पताल में सक्रिय है और CMS के कमरे में उसे बैठा देखा जा सकता है। जिलाधिकारी की डॉक्टर पत्नी और आकांक्षा समिति के अध्यक्ष डॉक्टर हेमलता जिला अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं को सुधारने के लिए काफी प्रयास कर रही हैं। लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की भ्रष्ट कार्यप्रणाली और लापरवाही उनकी मंशा को कामयाब नहीं होने दे रही है। जिसकी चर्चा सीनियर डॉक्टरों के साथ स्वास्थ्य कर्मियों के बीच आम है।

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