उन्नाव में पत्रकार की हत्या - लेडी भू-माफिया सहित 6 गिरफ्तार

- उन्नाव में पत्रकार की हत्या का मुख्य आरोपी लेडी भू-माफिया उसका पति व चार अन्य गिरफ्तार

- अन्य फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के प्रयास

- 19 जून को हुई थी पत्रकार की हत्या

 

By: Narendra Awasthi

Published: 30 Jun 2020, 09:37 PM IST

उन्नाव. लखनऊ कानपुर राजधानी मार्ग पर दिनदहाड़े हुए पत्रकार हत्या के मुख्य आरोपी लेेडी भू माफिया को उसके पति सहित पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही चार अन्य नामजद अभियुक्तों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में अपर पुलिस अधीक्षक ने उपरोक्त घटनाक्रम की जानकारी दी। पत्रकार वार्ता के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी धवल जायसवाल व क्षेत्राधिकारी नगर भी मौजूद थे। गौरतलब है कि विगत 19 जून को दैनिक अखबार के संवाददाता कि उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जब वह उन्नाव से शुक्लागंज की तरफ जा रहा था। घटना के बाद पत्रकार की हत्या को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म्म था। परिवारी जयंत गिरफ्तारी ना होने के कारण आक्रोशित थे। मृतक पत्नी ने कहा था कि जब तक मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो जाती है। तब तक वह अपने पति का 13वीं संस्कार नहीं करेंगे। वहीं चेतावनी दी थी कि गिरफ्तारी ना होने पर मुख्यमंत्री के आवास पर फरियाद लगाएंगे।

 

पुलिस लाइन सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता

पुलिस लाइन सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में अपर पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार पांडे ने बताया कि पुलिस के ऊपर सवालिया निशान लग रहे थे। लेकिन स्वाट और सर्विलांस की टीम ने सर्विलांस के माध्यम से नामजद आरोपियों दिव्या अवस्थी पत्नी कन्हैया अवस्थी, कन्हैया अवस्थी पुत्र नरेंद्र अवस्थी निवासीगण शक्ति नगर थाना गंगाघाट सुफियान पुत्र मोहम्मद गुलाम निवासी अहमदनगर फरीद कॉलोनी गंगा घाट कोतवाली, मोहम्मद शानू उर्फ गांधी पुत्र इसरत हुसैन निवासी बांसमंडी थाना अनवरगंज कानपुर, टीपू सुल्तान उर्फ राशिद पुत्र यामीन निवासी तलाक महल थाना बेगमगंज जनपद कानपुर, संतोष बाजपेई पुत्र शीतला प्रसाद बाजपेई निवासी मिश्रा कॉलोनी शुक्लागंज थाना गंगाघाट शामिल है।

13वीं संस्कार नहीं करने की घोषणा के बाद पुलिस सक्रिय

घटना के बाद मृतक पत्नी राशि त्रिपाठी ने गंगा घाट कोतवाली में तहरीर देकर 10 लोगों के खिलाफ नामजद अभियुक्त पंजीकृत कराया था। गंगाघाट कोतवाली पुलिस ने आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 302, 120 बी, 34 के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कराया था। जिसमें शहनवाज अंजर पुत्र अंजर आलम, अफसर अहमद व अब्दुल बारी को गिरफ्तार कर पत्रकार की हत्या की घटना का खुलासा किया था। जिसमें उन्होंने बताया था कि सुपारी किलर की माध्यम से भू-माफिया दिव्या अवस्थी ने उसकी हत्या कराई है। उन्होंने बताया था कि चार लाख में हत्या का सौदा तय हुआ था।

 

चार लाख की सुपारी 20000 एडवांस

जिसके लिए ₹20000 एडवांस भी दिए गए थे। अपर पुलिस अधीक्षक के अनुसार अभियुक्तों से पूछताछ के दौरान पता चला कि नामजद अभियुक्त मोनू खान ने दिव्या अवस्थी के कहने पर अपने मित्र अफसर अहमद, अब्दुल बारी के साथ मिलकर हत्या की घटना को अंजाम दिया। घटना के समय सुफियान, टीपू सुल्तान उर्फ राशिद, मोहम्मद शानू उर्फ गांधी व एक अन्य साथी भी मौजूद था। पुलिस ने दिव्या अवस्थी, कन्हैया अवस्थी, राघवेंद्र अवस्थी मोनू खान और सुफियान पर ₹10 - ₹10000 का पुरस्कार घोषित किया गया था। संविधान स्वाट व सर्विलांस की टीम ने पकड़े गए अभियुक्तों के पास से घटना में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिल तमंचा कार व मोबाइल फोन भी बरामद किया है। पकड़ने वाली टीम में स्वाट टीम उप निरीक्षक फिरोज खान, स्वाट टीम उप निरीक्षक गौरव कुमार, सर्विलांस टीम से उप निरीक्षक शिव बाबू सहित अन्य लोग शामिल थे।

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