पत्रकार की मौत में नामजद महिला दरोगा व सिपाही पुलिस गिरफ्त से बाहर

- सदर कोतवाली में महिला दरोगा व सिपाही के खिलाफ है अभियोग पंजीकृत

- महिला दरोगा की पत्रकार से थी निकटता

By: Narendra Awasthi

Published: 15 Nov 2020, 08:55 PM IST

उन्नाव. पत्रकार सूरज पांडे के मौत के मामले में नामजद आरोपी महिला दरोगा सुनीता चौरसिया और सिपाही अमर सिंह की गिरफ्तारी ना होने पर परिवारी जनों के साथ आम लोगों में भी रोष व्याप्त हो रहा है। मृतक सूरज पांडे की माने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर निष्पक्ष जांच के साथ परिवार की सुरक्षा की भी मांग की है। मामले में आरोपी महिला दरोगा व सिपाही को पुलिस अधीक्षक ने निलंबित कर दिया है। इसके पूर्व सदर कोतवाली में दोनों के खिलाफ हत्या के साथ हत्या की साजिश कम कदमा पंजीकृत किया गया था।

गौरतलब है सदर कोतवाली क्षेत्र के ए बी नगर निवासी सूरज पांडे का शॉप लखनऊ कानपुर रेल मार्ग के किनारे मिला था पोस्टमार्टम हाउस में परिजनों ने महिला दरोगा नेता चौरसिया व अमर सिंह के ऊपर हत्या का आरोप लगाते हुए सदर कोतवाली में तहरीर दी थी लेकिन मुकदमा दर्ज होते ही सुनीता चौरसिया व अमर सिंह गायब हो गए वहीं दूसरी तरफ पुलिस अधीक्षक ने सीओ सिटी गौरव त्रिपाठी के नेतृत्व में टीम बनाई है लेकिन टीम को दोनों ही नामजद आरोपियों की लोकेशन नहीं मिल रही है दोनों के मोबाइल स्विच ऑफ बताए जाते हैं जांच टीम ने आरोपियों के ठिकानों पर छापा मारने की भी कार्रवाई की है इसके साथ ही दोनों आरोपियों के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल की जांच की जा रही है।

नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी ना होने पर लक्ष्मी पांडे ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अपने सुरक्षा की मांग की है। मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में लक्ष्मी पांडे ने बताया है कि विगत 12 नवंबर को अभियोग पंजीकृत होने के बाद उप निरीक्षक सुनीता चौरसिया व अमर सिंह की गिरफ्तारी नहीं हुई है। आरोपियों से उनके परिवारी जनों को जान माल का खतरा बना हुआ है। उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए और आरोपियों की भी गिरफ्तारी की जाए।

Narendra Awasthi
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