प्रेमी जोड़े को करनी थी कोर्ट मैरिज, वकील से किया कॉन्टैक्ट, उसने गंदे काम के लिए किया मजबूर तो...

वकील को पसंद आ गई लड़की, सज-संवरकर अकेले में बुलाया, जब पहुंची तो...

उन्नाव. हसनगंज थाना क्षेत्र में हुयी अधिवक्ता की हत्या का खुलासा करते हुये पुलिस ने प्रेमी युगल को गिरफ्तार कर लिया। वह प्रेमी युगल जो अधिवक्ता के संपर्क के आने के समय नाबालिग था। कोर्ट मैरिज के लिये अधिवक्ता के सम्पर्क में आया था। खुलासा के दौरान पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मृत्तक अधिवक्ता अपने महिला मुवक्किल के प्रति गलत निगाह से देखता था। जिसकी मंशा प्रेमी युगल समझ गये थे। यही कारण था कि कोर्ट मैरिज के प्रपत्र अधिवक्ता प्रेमी युगल को नहीं दे रहा था। महिला ने अपने पति की सलाह पर अधिवक्ता को गांव के बाहर खेत में मिलने को बुलाया। इस पर अधिवक्ता ने महिला को सज संवर कर अकेले में आने के लिए कहा। पूर्व नियोजित योजना के मुताबिक प्रेमी युगल ने अधिवक्ता को रास्ते से हटाने का निश्चय किया। पुलिस अधिक्षक के खुलासे के बाद अधिवक्ता समाज शर्मिन्दगी महसूस कर रहा है। बार महामंत्री सुशील कुमार शुक्ला ने अधिवक्ताओं को सलाह दी कि अपने अंदर सुधार करें। जिससे बदनामी से बचा जा सके।


फीस देने के बाद भी नहीं दे रहा था शादी के कागजात


विगत 11 मार्च की सुबह हसनगंज थाना क्षेत्र के लालपुर गांव के बाहर खेत में अधिवक्ता कुलदीप पुत्र स्वर्गीय धनीराम निवासी आगा खेड़ा थाना अजगैन का शव मिला था। अधिवक्ता की हत्या की खबर से अधिवक्ता समाज में आक्रोश था। मामले के खुलासे के लिये पुलिस पर दबाव था। जांच टीम ने सर्विलांस के साथ गांव में चर्चा को आधार बनाते हुये विवेचना शुरू किया। जिसके बाद पुलिस ने कई लोगों को उठाया। इस बीच विवेचना टीम ने प्रेमी युगल को गिरफ्तार किया। जिसके बाद हत्या के मामले का खुलासा हुआ। पुलिस अधीक्षक पुष्पाजंलि देवी ने बताया कि प्रेमी युगल ने बताया कि अधिवक्ता कुलदीप से प्रेमी युगल सत्येंद्र सिंह पुत्र श्री प्रेम सिंह मनीषा पत्नी सत्येंद्र सिंह निवासीगण लालपुर थाना हसनगंज ने कोर्ट मैरिज के लिये 7 माह पूर्व सम्पर्क किया था। उस समय मनीषा नाबालिग थी। जिस पर अधिवक्ता कुलदीप ने कहा कि शादी के कागज बालिग होने के बाद मिलेगा। जिसके एवज में उन्होने फीस भी ली थी। जनवरी 2018 में बालिग होंने के बाद सत्येंद्र शादी के कागज मांगे। परंतु अधिवक्ता नहीं दे रहा था। इसी बीच अधिवक्ता की मंशा मनीषा और सत्येंद्र भाप गए। जिस पर अधिवक्ता का कृत्य मनीषा को नागवार गुजरा। पुर्व योजना के अनुसार मनीषा ने मोबाइल का स्पीकर खोलकर सत्येंद्र के सामने अधिवक्ता कुलदीप से बातचीत की। कुलदीप ने मनीषा को सज संवर कर अकेले में मिलने को कहा। इस पर मनीषा ने सत्येंद्र के कहने पर कुलदीप को खेतों में बुलाया। जहां पहले से ही सत्येंद्र छुप कर बैठ गया था।


मोबाइल की लाइट से अधिवक्ता को अपने पास बुलाया


रात को लगभग 8:00 बजे कुलदीप मोटरसाइकिल से हनुमान मंदिर के पास रुका और और उसने मनीषा से कहा तुम नजर नहीं आ रही हो। बताया जाता है मनीषा ने मोबाइल की रोशनी देखा अपने पास बुलाया। अधिवक्ता कण्डोम साथ ले गया। जैसे ही वह मनीषा के नजदीक आने का प्रयास किया। सत्येंद्र ने हैंडपंप के हत्थे से कुलदीप पर वार कर दिया। कुलदीप मौके से भागने का प्रयास किया। परंतु मनीषा और कुलदीप ने मिलकर उसको मौत के घाट उतार। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सत्येंद्र और मनीषा की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त आला कत्ल हैंडपंप का लोहे का हत्था, मृतक की जेब से निकले ₹9650, दो मोबाइल, घटना में प्रयुक्त मोबाइल आदि बरामद किया है। एक मोबाइल फोन और बरामद किया गया है। जिससे कि कुलदीप लोधी को घटनास्थल पर बुलाया गया था। गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक अजगैन प्रदीप कुमार सिंह, स्वाट टीम प्रभारी कुलदीप तिवारी, निरीक्षक वीरपाल सिंह, उप निरीक्षक दिनेश यादव, अब्दुल जब्बार सहित अन्य लोग शामिल थे। प्रेस वार्ता के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक बार एसोसिएशन के महामंत्री सुशील कुमार शुक्ला आदि मौजूद थे।

नितिन श्रीवास्तव
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