मेडिकल छात्रों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, मेडिकल कॉलेज पर लगाया भारी जुर्माना, जाने क्या है पूरा मामला

मेडिकल काउंसिल नियम के विरुद्ध कॉलेज ने 132 छात्रों का प्रवेश लिया था। छात्रों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश आया है। नियम विरुद्ध प्रवेश लेने पर मेडिकल कॉलेज पर 5 करोड़ों रुपए का जुर्माना लगाया गया।

 

By: Narendra Awasthi

Published: 25 Feb 2021, 08:40 AM IST

उन्नाव. सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल कॉलेज पर 132 छात्रों को मेडिकल काउंसिल नियम के विरुद्ध प्रवेश एडमिशन लेने पर 5 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। जो को कॉलेज में प्रवेश करने वाले गरीब छात्रों पर खर्च करने को कहा गया है। इसके लिए उत्तर प्रदेश के महालेखाकार को ट्रस्ट बनाने का भी आदेश दिया है। साथ ही 15 दिन में परीक्षा कराए जाने के भी निर्देश दिए हैं। एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद मेडिकल छात्रों को 2 साल के लिए सामुदायिक सेवा करने का भी आदेश दिया गया है।

लखनऊ कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है मेडिकल कॉलेज

लखनऊ कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग नवाबगंज स्थित सरस्वती मेडिकल कॉलेज पर सुप्रीम कोर्ट ने पांच करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। सुप्रीम कोर्टट के आदेश के मुताबिक मेडिकल कॉलेज नीट की मेरिट के अनुसार छात्रों के एडमिशन लेने के लिए अधिकृत नहीं था इसके बावजूद कालेज प्रबंधन ने 2017-18 के लिए 132 छात्रों को एमबीबीएस में प्रवेश कराया। जिस पर 5 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया।

छात्रों को राहत प्रदान की गई

छात्रों को राहत प्रदान करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 2 साल की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं। ऐसे में प्रवेश निरस्त करने पर छात्रों का उद्देश्यय पूरा नहीं होगा। 2019 में द्वितीय वर्ष की परीक्षा 2020 में कोरोनावायरस की भेंट चढ़ा गया। सुप्रीम कोर्ट नेेे आदेश दिया 15 दिनों के अंदर परीक्षा कराई जाए। इस संबंध में कॉलेज प्रबंधन ने बताया कि 2017 में लिए गए प्रवेश को लेकर विवाद सुप्रीम कोर्ट में चल रहा था। विद्यालय प्रबंधन कोर्ट के फैसलों का मानेगी।

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