झोलाछाप डॉक्टर के चलते गई गर्भवती महिला की जान, पति की दबंगई के सामने डीएम का आदेश भी पड़ा छोटा

Nitin Srivastava

Publish: Apr, 17 2018 10:54:02 AM (IST)

Lucknow, Uttar Pradesh, India
झोलाछाप डॉक्टर के चलते गई गर्भवती महिला की जान, पति की दबंगई के सामने डीएम का आदेश भी पड़ा छोटा

मियागंज ब्लाक का कैशियर, जिलाधिकारी के आदेश पर हुआ हावी...

उन्नाव. जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के आदेशों को भी उनके मातहत हवा में उड़ा देते हैं। इसके कई प्रमाण सामने हैं। जिससे स्थिति काफी भयावह हो जाती है। जब दबंगों के ऊपर कार्रवाई ना होने पर उनके हौसले बुलंद हो जाते हैं और शिकायतकर्ता पर हमलावर हो जाते हैं। ऐसे में उनकी बात सही साबित होती है कि उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। क्योंकि उन्होंने ऊपर तक पैसा पहुंचा दिया है। इस प्रकार के कुछ मामले तो ऐसे हैं जो सीधे स्वास्थ्य से जुड़ा है। जब जिलाधिकारी ने फरियादी के सामने ही कार्रवाई के लिए अधीनस्थों को निर्देश दिए। जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ मिली शिकायत का निरीक्षण किया और जांच में सही पाया। इसके बाद उन्होंने कोतवाली पुलिस को संबंधित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने बात कही। लेकिन चौकी पुलिस से लेकर कोतवाली पुलिस तक के लिए मानो कुछ हुआ भी नहीं है और वह हाथ में हाथ धरे बैठा है। जबकि पीड़ित जिलाधिकारी की चौखट के चक्कर लगा रहा है।

 

न मुकदमा पंजीकृत किया, न कराया जा रहा पोस्टमार्टम

इसी प्रकार का एक मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के मगरवारा चौकी अंतर्गत दयाल खेड़ा का है। उक्त गांव निवासी संगीत पुत्र सोनेलाल ने बताया कि उसकी पत्नी संन्नों को 3 माह का गर्भ था। पेट में दर्द होने पर उन्होंने पड़ोस में रहने वाली महिला डॉक्टर ओमवती पत्नी रामभजन को विगत 12 मार्च 2018 को दिखाया था। जिसने उनकी पत्नी को दवाई, इंजेक्शन और ग्लूकोज को चढ़ाते हुए आश्वासन दिया कि पत्नी ठीक हो जाएगी। परंतु झोलाछाप डॉक्टर के गलत इलाज से उनकी पत्नी की तबीयत बिगड़ गई और गर्भपात हो गया। इसके साथ ही पत्नी की भी हालत बिगड़ने लगी। 14 मार्च को पत्नी को आजाद नर्सिंग होम में भर्ती कराया। जहां भी किसी प्रकार का सुधार नहीं आया। उसके बाद कानपुर के संजीवनी हॉस्पिटल में रेफर कर दिया गया।

 

हैलट में हुई पत्नी की मौत

संजीवनी हॉस्पिटल से भी 4 घंटे बाद पत्नी को कानपुर के हैलट रेफर कर दिया। जहां उनकी पत्नी कि विगत 15 मार्च को मौत हो जाती है। डॉक्टर ओमवती के गलत उपचार से उनकी गर्भवती पत्नी की मौत हो जाती है। संगीत ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने जिला प्रशासन को कई पत्र दिए। लेकिन ना तो उनकी पत्नी रिपोर्ट दर्ज की गई और ना ही पत्नी का पोस्टमार्टम कराया गया। गर्भवती के संबंध में सुनील ने बताया कि कि झोलाछाप डॉक्टर की पति राम भजन विकासखंड मियागंज में कैशियर पद पर कार्यरत है और पैसे व प्रभाव के कारण जिलाधिकारी के आदेश को भी दबा रहा है और कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में उन्होंने मृतक पत्नी पोस्टमार्टम कराने का आदेश देने की मांग की है।

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