आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे हादसा - मासूम को देखकर लोगों की आंखें हुई नम, सामने पड़ा था माता-पिता का शव

- आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे पर दिल्ली से बिहार के दरभंगा की यात्रा पर थे मृतक दंपति

- लॉक डाउन के दौरान बेबस प्रवासी श्रमिक गृह जनपद जाने को मजबूर, मिल रही मौत

- राज्य सरकारों के मुंह पर तमाचा, प्रवासी श्रमिकों की बेबसी

By: Narendra Awasthi

Published: 16 May 2020, 02:01 PM IST

उन्नाव. कोविड-19 लॉक डाउन प्रवासी श्रमिकों के लिए कहर बनकर आया है। भूख प्यास से तड़प रहे भूखे प्यासे प्रवासी श्रमिक देश की विकसित - अविकसित सभी राज्य सरकारों की उपयोगिता पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए अपने गृह जनपद को निकले तो रास्ते में भी उन्हें जानलेवा अवरोधों का सामना करना पड़ रहा है। आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे पर हुए इसी प्रकार के हादसे में बिहार के दरभंगा निवासी दंपति की दर्दनाक मौत हो गई। जबकि साथ चल रहे 6 वर्षीय मासूम बाल-बाल बच गया। क्योंकि घटना के समय हुआ बाथरूम करने चला गया था। हादसा का और भी भयावह रूप सामने आता यदि टक्कर मारने वाला प्रवासी श्रमिकों से भरा पिकअप लोडर पलट जाता है। हादसे की खबर सुनकर मौके पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने कागजी कानूनी कार्रवाई पूरी की। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वही मासूम को देखकर लोगों की आंखें नम हो गई। जिसकी समझ में यह नहीं आ रहा कि यह क्या हो गया।

 

आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे की घटना

दिल्ली में ऑटो चला कर गुजर-बसर करने वाला अशोक उम्र 35 साल, पत्नी छोटी उम्र 30 साल व अपने 6 साल के मासूम बेटे कृष्णा के साथ अपने ऑटो से दिल्ली से बिहार राज्य के जनपद दरभंगा जा रहा था। आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे पर बांगरमऊ कोतवाली अंतर्गत रघुराम पुर के निकट कृष्णा को लघुशंका लगी तो पिता अशोक ने ऑटो को किनारे रोक दिया और कृष्णा लघुशंका करने चला गया। इसी बीच उसने अपनी लंबी यात्रा को देखते हुए ऑटो टंकी में पेट्रोल डालने लगा। इसी बीच काल बनकर एक्सप्रेस वे पर दौड़ रही श्रमिकों से भरे पिकअप लोडर ने जोर से टक्कर मार दी। जिससे अशोक व उसकी पत्नी छोटी कई मीटर दूर जा गिरे और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने कानूनी कार्रवाई पूरी की और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे पर बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूरों से भरे डग्गामार वाहन फर्राटा भर रहे हैं। पुलिस देखकर अनदेखी कर रही है। प्रवासी मजदूरों के साथ दुर्घटना में हो रही मौतों के बाद भी शासन प्रशासन सतर्क नहीं हो रहा है। और लगातार घटनाएं बढ़ती जा रही हैं।

Narendra Awasthi
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