पिता, तीन पुत्र, एक पुत्री सहित 6 को अपहरण के बाद हत्या के मामले में पुलिस ने किया गिरफ्तार, जाने घटनाक्रम

पुलिस मेडिकल कराने के लिए थाना बुला रही थी, जाते समय रास्ते से किया अपहरण

 

By: Narendra Awasthi

Published: 17 May 2021, 12:00 PM IST

उन्नाव. पंचायत चुनाव के दौरान हुई मारपीट में दर्ज एनसीआर का मेडिकल कराने गए युवक का अपहरण कर उसकी निर्मम हत्या कर दी गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिवारी जनों में कोहराम मच गया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। ग्रामीणों से बातचीत की क्षेत्राधिकारी ने बताया कि काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने मुंह खोला और घटनाक्रम के विषय में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सात नामजद अभियुक्तों में से 6 को गिरफ्तार कर लिया गया है। फरार अभियुक्त को भी शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। घटना के संबंध में संगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

मधुकरपुर चैनपुर की घटना

मामला बिहार थाना क्षेत्र के गांव मधुकरपुर चैनपुर का है। राहुल सिंह उर्फ रणंजय सिंह उम्र 35 पुत्र वीरेंद्र प्रताप सिंह पुलिस के बुलावे पर बिहार थाना जा रहा था। रास्ते में आरोपी मिल गए और स्कॉर्पियो से अपहरण कर गांव ले गए। जहां उसके लोहे के सरिया और डंडों से जमकर पिटाई की। नाजुक अंगों पर भी चोट किया। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। गंभीर रूप से घायल राहुल को बाद में स्कॉर्पियो से लेकर आरोपी थाना पहुंच गए। राहुल की नाजुक हालत को देखते हुए थाना में हड़कंप मच गया। आनन फानन उसे लेकर स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र गए। जहां डाक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।

क्षेत्राधिकारी बीघापुर ने बताया

क्षेत्राधिकारी बीघापुर कृपा शंकर कनौजिया ने इस संबंध में बताया कि वीरेंद्र प्रताप सिंह की तहरीर पर थाना में आईपीसी की धारा 364/ 302 सहित संगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। नामजद आरोपियों में से रामनरेश सिंह, उसका पुत्र प्रभाकर सिंह, सुधीर सिंह, रत्नाकर सिंह और पुत्री शिवानी सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। सुधाकर सिंह के गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। जो एडीओ पंचायत है। इसके अतिरिक्त अंकित निवासी थाना सरेनी जनपद रायबरेली को भी गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि गांव में रामनरेश व उसके परिवार सदस्यों का बड़ा ही खौफ है। जिसकी वजह से ग्रामीण बोलने को तैयार नहीं थे। काफी प्रयास और आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने घटनाक्रम की जानकारी दी।

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