राष्ट्रपति के गांव परौंख में सोलर लैंप की इकाई, पढ़ने के लिए सोलर लैंप बना महिलाएं हो रहीं आत्मनिर्भर

- स्कूली बच्चों के लिए तैयार कर रही ₹100 के सोलर लैंप, योगी शासन में महिलाओं व बालिकाओं को मिल रही सुरक्षा, सम्मान के साथ स्वावलंबन प्रदान करने वाली योजनाओं का लाभ

By: Narendra Awasthi

Updated: 16 May 2021, 06:11 PM IST

पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ. योगी सरकार गांवों में पढ़ने वाले स्कूली बच्चों की दुनिया को सजाने, उनमें शिक्षा की अलख जगाने व गांव-गांव में अंधकार को मिटाकर उजाला लाने में जुटी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल को साकार करने में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं तेजी से काम कर रही हैं। गांव में शिक्षा प्राप्त करने वाले बच्चों के पढ़ने के लिये सस्ते सोलर लैम्प बनाएं हैं। सीएसआर फंड की मदद से इस अनोखी पहल को साकार कर दिखाया है। बाजारों में 500 रुपये की कीमत के मिलने वाले लैम्प को इन महिलाओं ने स्कूली बच्चों को मात्र 100 रुपये में उपलब्ध कराया है।

 

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया

कानपुर देहात जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जिले के लिए गर्व की बात है कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा बनाए जा रहे सोलर लैंप से बच्चों की पढ़ाई में मदद मिल रही है और स्वयं को आत्मनिर्भर बना रही हैं। सीडीओ आईएएस सौम्या पाण्डेय ने बताया कि जिले में 978 स्वयं सहायता समूहों का गठन कर 10,758 ग्रामीण महिलाओं को समूहों से जोड़ा गया है। ये महिलाएं स्कूली बच्चों के उपयोग हेतु बाजार मूल्य से सस्ते सोलर लैंप का महिलाएं कर रही हैं।

 

स्कूली बच्चों के लिए ₹100 में सोलर लैंप

प्रेरणा ओजस कार्यक्रम के सीईओ शैलेन्द्र द्विवेदी ने बताया कि प्रथम चरण में विकासखंड डेरापुर के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पैतृक गांव परौंख में 18 समूहों के 35 महिलाओं का चयन किया गया था। जिन्हें सस्ते कीमत के सोलर लैम्पों के निर्माण व विक्रय के लिए प्रशिक्षण देकर एक इकाई स्थापित की गयी। महिलाओं को प्रति लैंप निर्माण का 12 रूपये तथा प्रति लैंप बिक्री का 17 रुपये दिया जाता है। जिससे उनकी आमदनी 250-300 रुपये प्रतिदिन हो जाती है। लैम्प में खराबी आने पर रिपेयरिंग भी करती है। इस लैम्प की वारंटी 28 फरवरी 2022 तक है। एक हजार सोलर लैम्प बना कर ब्लाक के परिषदीय स्कूलों के छात्रों को बेचा जा चुका है। अब तक सोलर लैंप विक्रय से महिला समूह को एक लाख रुपए प्राप्त हो चुके हैं।

 

महिलाओं के लिए उद्यमी बनने का सुनहरा अवसर

शैलेंद्र द्विवेदी ने बताया कि भविष्य में इन महिलाओं को उद्यमी बनने का भी सुनहरा अवसर मिलेगा। सोलर लैंप वितरण का लक्ष्य पूरा होने पर ब्लॉक के अलग-अलग कस्बा और बाजारों में प्रेरणा सोलर स्मार्ट शॉप खुलवाने के लिए आर्थिक मदद की जाएगी। जहां पर महिलाएं सोलर प्रोडक्ट लालटेन, टॉर्च, लैंप, सोलर पंखा, पैनल, एलईडी बल्ब की मरम्मत व बिक्री करेंगे। उन्होंने कहा कि अन्य महिलाओं को भी सोलर उत्पादों के निर्माण विक्रय और रिपेयरिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

 

अब तक की उपलब्धि

बताया गया है कि योगी सरकार द्वारा 28 लाख सोलर लैंप प्रदेश के 75 ब्लाक और 30 जनपदों के स्कूली बच्चों को बांट चुकी है। इसे चार हजार महिलाओं ने तैयार किया था। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की प्रेरणा ओजस कार्यक्रम के अंतर्गत चलाया जा रहा है जिसमें स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आर्थिक व सामाजिक रूप से सशक्त और आत्म निर्भर बनने का अवसर दे रही है।

Narendra Awasthi
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