शिक्षक दिवस पर विशेष - प्राइमरी स्कूल की शिक्षिका जो अपने पैसों से छात्र छात्राओं के लिए उपलब्ध कराती है संसाधन

Narendra Nath Awasthi | Publish: Sep, 05 2018 07:07:13 PM (IST) Unnao, Uttar Pradesh, India

जनपद के दो इंग्लिश मीडियम स्कूलों में एक है लखनऊ कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित मॉडल स्कूल जिसकी प्रधान शिक्षिका की मां राष्ट्रपति पुरस्कार से पुरस्कृत हैं

उन्नाव. जनपद का ऐसा विद्यालय जहां छात्र - छात्राएं प्रवेश पाने के लिए लाइन लगाती हैं। यह विद्यालय जनपद के सरकारी विद्यालयों में प्रमुख स्थान रखता है। जिसमें अंग्रेजी मीडियम से पढ़ाई होती है। यहां के छात्र छात्राओं को हिंदी, अंग्रेजी के साथ जनरल नॉलेज का भी ज्ञान कराया जाता है। इस विद्यालय की हेड मास्टर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में हुए विगत 4 सितंबर के कार्यक्रम में भाग लेने का जनपद की तरफ से अवसर मिला था।


उन्होंने संसाधन की कमी बताया

पत्रिका से बातचीत करते हुए प्राइमरी स्कूल की हेडमिस्ट्रेस स्नेहिल पांडे ने बताया कि वह अपने विद्यालय के लिए अभी और बहुत कुछ करना चाहती हैं। अभी विद्यालय को स्मार्ट क्लासेस की जरूरत है। सबसे बड़ी बात स्नेहिल पांडे अपने वेतन का कुछ हिस्सा विद्यालय में लगाती हैं। अपनी मां राष्ट्रपति पुरस्कार से पुरस्कृत सुधा देवी शुक्ला से प्रेरणा पाकर विद्यालय आने वाले छात्र छात्राओं के लिए कुछ अच्छा करने की मंशा रखने वाली स्नेहिल पांडे दिन बताया कि जब वह शुरू शुरू में स्कूल आई थी, तो विद्यालय में लगभग 70 बच्चे थे। आज उनके विद्यालय में 289 बच्चे अध्ययन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों को प्राइवेट स्कूल से सरकारी स्कूल की तरफ मोड़ने में उन्हें सफलता मिली है। जिसमें उनके विद्यालय की टीम भी शामिल है। उन्होंने बताया कि उनका विद्यालय इंग्लिश मीडियम है और उनके विद्यालय के बच्चे इंग्लिश में किताबें पढ़ लेते हैं। उनके यहां गरीबी रेखा से नीचे वाले पढ़ने वाले लड़के भी बड़ी संख्या में है। जो विद्यालय मैं अध्ययन कर के अपना भविष्य बना रहे है। उन्होंने कहा कि विद्यालय परिसर की तरफ बच्चों को आकर्षित करने के लिए वह और उनकी टीम प्रयासरत रहती है।


मुख्यमंत्री से मुलाकात का अवसर मिला

स्नेहल पांडे ने बताया कि विगत 4 सितंबर को लखनऊ में हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम में उन्हें स्टार लगाने वा मुख्यमंत्री से भी भेंट करने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि वह विद्यालय के लिए अच्छा करने का प्रयास करती हैं। अपने वेतन का कुछ हिस्सा वह विद्यालय में लगाती हैं। लेकिन उनसे संसाधन पूरे नहीं हो पा रहे हैं। संसाधन में वह पिछड़ी हैं। यदि समय से इंग्लिश मीडियम की किताबें मिल जाए, तो बेहतर रिजल्ट दे पाएंगी। एक सवाल के जवाब में स्नेहिल पांडे ने बताया कि मानक के अनुसार उनके विद्यालय में 7 टीचर होने चाहिए। लेकिन 2015 से 3 टीचर विद्यालय में मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि उनके यहां की बिल्डिंग भी जर्जर है। इस संबंध में प्रशासन से बातचीत हुई है और वह आशावान है कि शीघ्र ही जर्जर बिल्डिंग ठीक होगी और नई टीचर भी उन्हें मिलेंगें। गौरतलब है स्नेहिल पांडे की मां सुधा देवी शुक्ला राष्ट्रपति पुरस्कार से पुरस्कृत हैं। जिनकी बेटी स्नेहिल पांडे भी उन्हीं से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ रही हैं।

 

4 किलोमीटर की परिधि से पढ़ने आते हैं छात्र-छात्राएं

विद्यालय की की स्थिति लखनऊ कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोहरामऊ थाने के पास स्थित प्राइमरी स्कूल कक्षा 1 से 5 तक संचालित है 2015 अखिलेश यादव की सरकार के दौरान जनपद को मिले दो इंग्लिश मीडियम स्कूलों में एक शुक्लागंज और दूसरा सोहरामऊ में स्थापित किया गया था आज की तारीख में विद्यालय में 289 छात्र छात्राएं अध्ययन कर रही हैं शरावती सद्गुरु खेड़ा मिर्जापुर लालपुर चुन्नी खेड़ा जैसे आसपास के 3 - 4 किलोमीटर की परिधि से छात्र विद्यालय में पढ़ने आते हैं प्रधान शिक्षक के अलावा 2 सहायक शिक्षक व एक शिक्षामित्र है विद्यालय के छात्रों को रोज एक शब्द की मीनिंग इंग्लिश वर्ड याद कराया जाता है इसके अतिरिक्त छात्रों को राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों के राजधानियों के नाम भी मालूम है विद्यालय में 3 कमरे हैं इसके अतिरिक्त तीन कमरे और हैं जो जर्जर हो चुके हैं लखनऊ से आई विधायकों की टीम ने जर्जर भवन में छात्रों को बैठाने से मना किया था मास्टर के विद्यालय में 2 सहायक शिक्षक

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