...ताकि बनी रहे विभाग की क्षवि, समय पर दें जन सूचना अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी

...ताकि बनी रहे विभाग की क्षवि, समय पर दें जन सूचना अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी

Nitin Srivastava | Publish: Dec, 08 2017 09:52:51 AM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

अपर पुलिस अधीक्षक पर 75 हजार, तहसीलदार पर 25 हजार व जिला पंचायत राज अधिकारी को 50 हजार का जुर्माना...

उन्नाव. विभाग यह सुनिश्चित कर लें कि जो भी सूचनायें जनसूचना अधिकार के तहत मांगी जाती हैं उन्हे समय पर तथ्यात्मक तरीके से उपलब्ध कराई जाये। किसी प्रकार की अनरगल तथ्य विहीन सूचना न दी जाये ताकि सूचना मांगे जाने वाले सम्बन्धित व्यक्ति को अनावश्यक परेशान न होना पड़े और विभाग की छवि भी बनी रहे। राज्य सूचना आयुक्त उ.प्र. लखनऊ अरविन्द सिंह बिष्ट ने अपने दो दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम के अन्तर्गत पन्नालाल सभागार कलेक्ट्रेट में जनपद के लगभग 91 विभागों के लम्बित प्रकरण के वादों की सुनवाई करते हुये उक्त विचार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कहा कि प्रायः देखा जाता है कि विभागो द्वारा समय पर जनसूचना अधिकार के तहत मांगी जाने वाली सूचनाओं को देने में अनावश्यक विलम्ब किया जाता है । जिससे अपीलीय अधिकारी / राज्य सूचना आयोग में वादो के निष्तारण हेतु वादो की संख्या काफी बढ जाती है। जिसके कारण विभाग एवं सूचना प्राप्त करने वाले व्यक्ति का अनावश्यक समय बर्बाद होता है।


76 वादों का निस्तारण लगाया गया जुर्माना

जिसमें 76 वादों का निष्तारण मौके पर ही किया गया तथा 17 शेष मामले मे से 14 मामलों की पुनः सुनवाई आज की जायेगी। 3 मामलें 24 जनवरी को लखनऊ में वादो की सुनवाई होगी। आयोग के उपस्थित स्टाफ ने बताया कि सुनवाई के दौरान बीघापुर तहसीलदार पर 25 हजार रूपये, अपर पुलिस अधीक्षक पर तीन मामलो में 25-25 हजार रूपये का जुर्माना तथा ग्राम पंचायत गेरूवा में छा़त्रवृत्ति एवं शौचालय निर्माण में अनियमितता पाये जाने पर सूचना न दिये जाने पर जिला पंचायत राज अधिकारी पर दो मामलो में 25-25 हजार रूपये का जुर्माना लगाये जाने की जानकारी दी गयी।

 

 

सरकारी विभागों मे लंबित मामलों की हुई सुनवाई

इस अवसर पर प्रमुख रूप से सम्बन्धित वादो की सुनवाई हेतु लम्बित प्रकरण विभागवार सुने गये जिसमें जनपद के समस्त उप जिलाधिकारी/तहसीलदार कार्यालय, जिला निर्वाचन कार्यालय, कोषागार, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी, कृषि, प्रदूषण, पुर्ती, बेसिक शिक्षा, पुलिस विभाग, मुख्य विकास अधिकारी, विकास खण्ड, बिछिया, मियांगंज, अधिषासी अधिकारी नगर पालिका उन्नाव/शुक्लागंज, उन्नाव शुक्लागंज विकास प्राधिकारण, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), जिलाधिकारी कार्यालय, आदि विभागों के लगभग 93 लम्बित प्रकरणों की सुनवाई की गई। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी, न्यायिक, ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव, नगर मजिस्ट्रेट राम प्रसाद, सुनवाई कार्यवाही के सहयोग में आयोग के स्टॉफ अंकित कुमार त्रिवेदी, मलहे प्रसाद गौतम, अतुल पाल, अरविन्द कुमार यादव सहित जनपद के वरिष्ठ अधिकारी गण एवं जनसूचना अधिकार से जुडे अधिकारी कर्मचारी आदि उपस्थित थे।

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