प्रेरणा ऐप से उपस्थिति (Attendance) मातृशक्ति के निजता का हनन, शिक्षक सम्मान बचाओ के साथ सड़क पर उतरे

- शिक्षक मध्यान भोजन की तैयारी करें, फल सब्जी लावे, दूध का इंतजाम करें इसके बाद ही थोड़ी देर हो जाए तो विभागीय कार्रवाई झेले

By: Narendra Awasthi

Published: 05 Sep 2019, 11:14 AM IST

उन्नाव. शिक्षक मध्यान भोजन (MDM) की तैयारी करें, फल (FRUIT), सब्जी लावे, दूध (MILK) का इंतजाम करें इसके बाद ही थोड़ी देर हो जाए तो विभागीय कार्रवाई झेले। शिक्षकों पर इतना बोझ डाल दिया गया कि पढ़ाई कि व्यवस्थित हो गई है। प्रेरणा ऐप के विरोध में प्राथमिक(PRIMARY) और उच्च प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों ने आज जबरदस्त प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने शासन से प्रेरणा ऐप (prerna app) में बदलाव करने की मांग की है। अन्यथा में स्कूलों में तालाबंदी कर आंदोलन किया जाएगा।

प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक सड़क पर

प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की हाजिरी के लिए प्रेरणा एप की अनिवार्यता का विरोध में शिक्षक सड़क पर उतरे और उन्होंने शासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रेरणा ऐप से अब शिक्षक-शिक्षिकाओं की ऑनलाइन सेल्फी हाजिरी देने की अनिवार्यता की गई है। इसके साथ ही एमडीएम भोजन की फोटो भी अपलोड करनी होगी। अन्य सरकारी योजनाओं की मॉनिटरिंग ऑनलाइन की जाएगी। ऐप के माध्यम से शासन स्तर पर इसकी निगरानी की जायेगी। प्रेरणा ऐप पर शासनादेश के बाद शिक्षकों की लेटलतीफी व लापरवाही पर अंकुश लगाया जा सकता है। लेकिन शिक्षकों की नाराजगी चरम पर है। आने वाले दिनों में प्रेरणा ऐप से शिक्षकों की मुश्किल बढ़ने वाली है। प्राथमिक शिक्षक संघ इकाई के अध्यक्ष संजय सिंह की अगुवाई में आज बड़ी संख्या में शिक्षकों ने सड़क पर उतारकर प्रेरणा एक का विरोध किया।

सरकार का फरमान तुगलकी

इस मौके पर संजय सिंह ने सरकार के निर्णय को तुगलकी फरमान बताया और प्रेरणा एक पर सेल्फी से हाजिरी में बदलाव की मांग की है। उन्होंने कहा कि सेल्फी से उपस्थिति जैसा तुगलकी फरमान हमारी कर्तव्यनिष्ठा का आकलन किया जा रहा है। मातृ शक्तियों को सेल्फी के बाद फोटो अपलोड करना उनकी निजता का हनन है। उन्होंने बताया कि शिक्षक स्कूलों में एमडीएम बनवाये, सब्जी लाएं, फल की व्यवस्था करें और जरा भी देरी हो जाए तो विभागीय कार्यवाही झेले। शिक्षकों पर इतना बोझ शिक्षकों पर डाल दिया गया कि बच्चों के पढ़ाई आप व्यवस्थित हो गई है। स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है। उन्होंने सरकार से फैसले में बदलाव की मांग की है। उन्होंने चेतावनी के लहजे में कहा ऐसा ना होने पर स्कूलों में तालाबंदी कर शिक्षक सड़क पर प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।

Narendra Awasthi
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