प्रदेश सरकार की उदासीनता - मिड डे मील बनाने वाली रसोइयों की होली रंगहीन,

- दूसरों को भोजन कराने वाली महिलाओं के घर में होली पर गुझिया तो दूर आलू के चिप्स पापड़ भी नहीं

- प्राथमिक विद्यालय रसोइया वेलफेयर एसोसिएशन ने जिलाधिकारी को दिया ज्ञापन

By: Narendra Awasthi

Published: 07 Mar 2020, 03:44 PM IST

Unnao, Unnao, Uttar Pradesh, India

उन्नाव. प्राइमरी विद्यालयों में छात्र छात्राओं को भरपेट भोजन कराने वाली मिड डे मील रसोइयों के घर में गुजिया नहीं बन पाएंगी। खोया तो दूर उनके पास आलू खरीदने तक के पैसे नहीं है। जिससे वह चिप्स पापड़ बना ले। इस संबंध में प्राथमिक विद्यालय रसोइया वेलफेयर एसोसिएशन ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर होली के पहले अल्प मानदेय दिलाने की मांग की है। पत्रिका से खास बातचीत में प्राथमिक विद्यालय रसोइया वेलफेयर एसोसिएशन की प्रांतीय संयुक्त सचिव संजू तिवारी ने कहा कि उन लोगों को मिलने वाला न्यूनतम मानदेय भी समय से नहीं मिलता है। जिससे रसोइया के कार्य में लगी महिलाओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस संबंध में बातचीत करने पर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि मिड डे मील बनाने वाली महिला रसोइयों को नवंबर तक का पैसा दे दिया गया है। शासन के पास बजट के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। पैसा आते ही दोषियों को मानदेय दे दिया जाएगा।

अल्प मानदेय भी नहीं मिलता

अपनी समस्याओं के विषय में जानकारी देते हुए सुमेरपुर विकासखंड की नया खेड़ा विद्यालय में कार्यरत सुनीता, मंजू ने बताया कि उनके अकाउंट में ₹1000 प्रति माह के हिसाब से आता है लेकिन वह भी समय से नहीं मिलता है। उनका कहना था कि उन्हें 15 सौ रुपए कभी नहीं मिले। नेवती प्राथमिक विद्यालय में काम करने वाली पार्वती को भी अल्प मानदेय नसीब नहीं हो रहा है। जानकारी करने पर पता चला कि उसका विभाग में अकाउंट नंबर गलत लिख गया है। रसोइयों में छेदाना, सुशीला, संतोषी देवी, मंजू, सुनीता, गीता देवी, रेनू सिंह, पार्वती सहित अन्य महिलाएं शामिल थी।

 

बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा -

रसोइयों की समस्याओं को सुनने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रदीप कुमार पांडे ने प्रत्येक रसोइयों को संतुष्ट करते हुए कहा कि आप लोगों को नवंबर तक का पैसा मिल गया है। प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। जैसे ही फंड आएगा तत्काल आपके खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। इसी के साथ ही उन्होंने सुनीता और मंजू की समस्याओं को भी सुना और कहा आप की भी समस्या का जल्द ही समाधान कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अनुदान 71 में जिससे सामान्य व अन्य वर्ग के रसोइयों को मानदेय दिया जाता है में मात्र 16 सौ रुपए बचे हैं। इसके पूर्व नवंबर तक का मानदेय रसोइयों को दिया जा चुका है। अनुदान 83 से एससी एसटी वर्ग के रसोइयों को मानदेय दिया जाता है। पैसा उपलब्ध होने के कारण उनको जनवरी तक पैसा दिया जा चुका है। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने रसोइयों को आश्वासन दिया कि जैसे ही बजट आता है। उन्हें बिना किसी देरी के अकाउंट में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।

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