उन्नाव मामले में सबसे बड़े राज से उठा पर्दा, सेंगर के सबसे खास इस पुलिसवाले के नाम का हुआ खुलासा

मिला एक गुमनाम पत्र, फोटो साक्ष्य के साथ दी गई जानकारी

By: Ruchi Sharma

Published: 20 May 2018, 09:51 AM IST

उन्नाव. आगामी 21 मई को उन्नाव दुष्कर्म मामले में सीबीआई अपनी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने जा रही हैं। जिसको देखते हुए CBI की जांच में गति आई विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दो दिन की न्यायिक हिरासत में लेकर निलंबित थाना प्रभारी व दरोगा से आमना सामना कराने की चर्चा है। इधर गेस्ट हाउस में दुष्कर्म परिजनों के पास एक गुमनाम चिट्ठी आई है। जिसमें प्रदेश के खुफिया विभाग के एक सिपाही के विषय में जानकारी दी गई है।

जो विधायक के काफी नजदीकी है और घटनाक्रम के बाद विधायक के साथ हमेशा लगे रहने का जिक्र किया गया है। पत्र के साथ साक्ष्य के रूप में फोटो भी भेजा गया है। जिसमें आरोपी सिपाही विधायक के साथ कई जगहों पर दिखाई पड़ रहा है। उपरोक्त सभी फोटो लखनऊ की है। दुष्कर्म पीड़िता के चाचा ने गुमनाम पत्र के विषय में पुलिस अधीक्षक व एलआईयू प्रभारी को इस विषय में जानकारी दी। साथ ही सीबीआई को भी इसकी एक प्रति दी गई है। 21 मई के पहले आ जाए गुमनाम पत्र कड़ियों को जोड़ने का काम कर सकता है।

साक्ष्य के रूप में फोटो भेजा गया

दुष्कर्म पीड़िता के चाचा को मिले पत्र में लिखा गया है कि आरोपी विधायक के साथ लखनऊ में तैनात एलआईयू का एक सिपाही लगातार लगा रहा। साक्ष्य के रूप में लखनऊ में मीडिया कर्मियों के साथ हुई विधायक की झड़प, एसएसपी ऑफिस में गिरफ्तारी के लिए पहुंचने के साथ, अन्य स्थानों की फोटो भेजी हैं। जिसमें एलआईयू का उक्त सिपाही लगातार विधायक के साथ मौजूद है। पत्र में यह भी लिखा गया है कि सिपाही अपनी जिम्मेदारी को भूलकर विधायक का हमराह बना है। दुष्कर्म पीड़िता के चाचा ने पत्र की जानकारी पुलिस अधीक्षक, एलआईयू प्रभारी के साथ सीबीआई को भी दी है।

वही 2 मई को मिली हाईकोर्ट के दिशा के निर्देशों के अनुसार केंद्रीय जांच ब्यूरो ने अपनी जांच की दिशा चारों तरफ फैला दी है। सीबीआई ने विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दो दिन की रिमांड पर लिया है। चर्चा इस बात की है कि विधायक का सामना निलंबित थाना अध्यक्ष माखी अशोक सिंह भदौरिया व दरोगा कामता प्रसाद सिंह से कराया जा सकता है आमने-सामने बैठकर पूछताछ कराने की चर्चा है। इसके साथ ही मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर भी बातचीत होने की संभावना है।

सीबीआई डॉक्टर सहित अन्य लोगों से कर चुकी है पूछताछ

गौरतलब है कि दुष्कर्म मामले में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के पहले सीबीआई को कई सवालों के जवाब खोजने हैं। जिसमें आरोपी विधायक के भाइयों व उनके गुर्गे के द्वारा दुष्कर्म पीड़िता के पिता के साथ मारपीट की गई थी। जिसके बाद हमलावरों द्वारा थाने में ले जाकर घायल दुष्कर्म पीड़िता के पिता के खिलाफ आर्म्स एक्ट के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत कराया गया था।

हथियार कहां से आया इस विषय में भी सीबीआई तलाश कर रही हैं। दुष्कर्म पीड़िता के पिता के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराने वाला टिंकू सिंह जेल में निरुद्ध है। जिसे गायब करने का आरोप दुष्कर्म पीड़िता के चाचा ने लगाया था। जिला अस्पताल के डॉक्टरों के तरीके तत्कालीन मुख्य चिकित्सा अधिकारी व मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से भी सीबीआई पूछताछ कर चुकी हैं।

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