#उन्नाव फिर हुआ ट्रेंड, लगातार आपराधिक वारदातों से बदल रही जिले की छवि?

दो नाबालिग की मौत व तीसरी लड़की की अस्पताल में जिंदगी और मौत से जारी जंग को लेकर लोग #Save_Unnao_Ki_Beti (उन्नाव की बेटी को बचाओ) का इस्तेमाल कर सोशल मीडिया ट्विटर पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त कर रहे हैं।

By: Abhishek Gupta

Published: 18 Feb 2021, 09:49 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क.
उन्नाव. उन्नाव मामले को लेकर लोगों का विरोध धीरे-धीरे सोशल मीडिया पर जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है। दो नाबालिग की मौत व तीसरी लड़की की अस्पताल में जिंदगी और मौत से जारी जंग को लेकर लोग #Save_Unnao_Ki_Beti (उन्नाव की बेटी को बचाओ) का इस्तेमाल कर सोशल मीडिया ट्विटर पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त कर रहे हैं। राजनीतिक दलों से लेकर आम जनमानस यूपी सरकार के प्रति अपना-अपना विरोध दर्ज कर रहे हैं। कोई पीड़ित युवती को दिल्ली एम्स रेफर न किए जाने पर सरकार की कार्यवाही पर सवाल भी उठा रहा है, तो कोई यूपी को अपराध प्रदेश की संंज्ञा दे रहा है। उन्नाव को लेकर जो अभी हो रहा है, वह पहले भी हुआ है और सिलसिलेवार तरीके से हो रही वारदातें कहीं न कहीं लोगों में जिले की नकारात्मक छवि बनाती जी रही हैं।

ये भी पढ़ें- UP Weather: गरज-चमक के साथ हुई बारिश, अगले 24 घंटों के लिए अनुमान जारी

उन्नाव गैंगरेप कांड के वक्त #UnnaoHorror हुआ था ट्रेंड-
उन्नाव के ट्रेंड होने के पीछे बीते दो वर्षों में हुई उन्नाव में विभिन्न अपराधिक वारदातें भी वजह हैं। उन्नाव माखी गांव में हुई वारदात के दौरान भी #UnnaoHorror जैसे हैशटैग ट्रेंड हुए थे। बांगरमऊ से भाजपा के विधायक कुलदीप सेंगर को विधायक पद से हटाने व उजे सजा देने के लिए पूरे देश से आवाज उठने लगी थीं। सामाजिक कार्यकर्ताओं, विपक्षी दलों से लेकर देश एकजुट होकर मामले में उचित कार्रवाई की मांग पर अड़ गया था। वहीं फिर मार्च 2020 में होली के दिन 9 साल की बच्ची के साथ रेप व उसके बाद अक्टूबर 2020 में 25 वर्षीय महिला की रेप के बाद चलती कार से फेंकने जैसे मामले भी उन्नाव को शर्मसार कर चुके हैं। मौजूदा आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2019 में जनवरी से लेकर नवंबर तक उन्नाव में 86 दुष्कर्म के मामले सामने आए थे। यौन उत्पीड़न के भी 185 मामले दर्ज हुए थे।

ये भी पढ़ें- 35 वाला पेट्रोल लखनऊ में बिक रहा 90 रुपए प्रति लीटर, यह है मामला

ट्रेंड होने का असर ग्लोबली-
किसी मामले का ट्रेंड होना ग्लोबल लेवेल पर असर जरूर डालता है। निर्भया कांड व उन्नाव माती गांव, कठुआ, हाथरस में हुई वारदातें इसके बड़े उदाहरण हैं। इन मामलों ने सिर्फ देश ही नहीं बल्कि विदेश में भी लोगों का ध्यान खींचा। उन्नाव मामले में जब ऐसा हुआ तो उसके बाद से ही देश-दुनिया के लोगों ने इस जिले में होने वाली हर छोटी सी छोटी आपराधिक वारदातों को बड़े पैमाने पर देखना शुरू कर दिया। गुरुवार को तीन नाबालिग लड़कियों के साथ हुई वारदात के बाद एक बार फिर उन्नाव को लोग उसी दृष्टिकोण से देखने लगे हैं। अभिनेत्रा ऋचा चड्ढा का उन्नाव को महिलाओं के लिए 'नर्क' कहना कहीं न कहीं ऐसे ट्रेंड से उपजी विचारधारा का एक नमूना भर है।

Show More
Abhishek Gupta
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned