दलित नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म के मामले में पुलिस अधीक्षक से लगाई गुहार बेकार गई

Ruchi Sharma

Publish: Sep, 17 2017 05:35:56 (IST)

Lucknow, Uttar Pradesh, India
दलित नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म के मामले में पुलिस अधीक्षक से लगाई गुहार बेकार गई

दलित नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म के मामले में पुलिस अधीक्षक से लगाई गुहार बेकार गई

उन्नाव. उच्च प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाने वाले शिक्षक के ऊपर ग्रामीणों ने कुछ ऐसा आरोप लगाया कि शिक्षक समाज ही नहीं इंसानियत को शर्मसार कर दिया। रही सही कसर पुलिस की भ्रष्ट कार्यप्रणाली ने पूरी कर दी। जिसने आग में घी डालने का काम किया। पीड़ित परिवार थाना से लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय के लगातार चक्कर लगा रहा है। लेकिन न्याय मिलना तो दूर मुकदमा तक पंजीकृत नहीं किया गया है।


इस संबंध में बातचीत करने के दौरान थानाध्यक्ष ने बताया कि विवेचना की जा रही है। मामला गांव से लड़की को बहला फुसलाकर साथ ले जाने का है। दलित नाबालिग लड़की के पिता ने बताया कि उनकी नाबालिग लड़की को सहायक शिक्षक व उसके साथियों ने बहला फुसला कर गाड़ी में बैठा कर ले गया। जिसके साथ जबरन दुष्कर्म किया गया।

पुलिस द्वारा कार्रवाई ना होने पर ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। वहीं ग्रामीणों ने आरोपी टीचर के वापस स्कूल आने पर जूते चप्पल से जमकर पिटाई कर दी। जिसके बाद पुलिस को दबाव बनाने का जरिया मिल गया। शिक्षक द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस समझौता कराने का प्रयास कर रही है।

महिलाओं के द्वारा शिक्षक की पिटाई ने पुलिस को समझौता बनाने का हथियार दिया


मामला बीघापुर थाना क्षेत्र के रामपुर गांव का है। उक्त गांव निवासी पीड़िता के पिता ने बताया कि बिगत 30 अगस्त को उसकी बेटी को उस समय सहायक मास्टर ने बहला पुसलाकर सुलाकर गाड़ी में बैठा लिया जब वह खेत से वापस आ रही थी। इस दौरान उसके उनके साथ नीरज और छोटू भी थे। जिसे लेकर चले गए। 3 दिनों तक उसके साथ दुष्कर्म किया। जहां उसे किसी मुस्लिम परिवार में रखा था।

गंगाघाट थाना पुलिस ने नाबालिग को लावारिस की हालत में थाने लेकर आई, जहां गंगा का थाना से सूचना मिलने पर वह लोग अपनी लड़की को लेकर वापस गांव लेकर आए। इसके पहले ग्रामीणों ने राम सजीवन पाल के स्कूल वापस आने के बाद ग्रामीण महिलाओं ने उसकी जूते चप्पलों से जमकर पिटाई कर कर दी और उसे लेकर थाने पहुंच गए।


जहां पुलिस ने बिना किसी पूछताछ के मास्टर को छोड़ दिया। जिस से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। बीघापुर थाना पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने ग्रामीणों के साथ पीड़ित परिवार पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। परंतु पुलिस अधीक्षक से लगाई गई गुहार भी बेकार गई। आरोपी शिक्षक व अन्य लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस संबंध में बातचीत करने के दौरान थाना अध्यक्ष बीघापुर ने बताया कि विवेचना जा रही है। दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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