देश का ऐसा बैंड जिसमें सभी कलाकार महिलाएं, नाम रखा गया वुमनिया

Narendra Nath Awasthi | Publish: Sep, 16 2018 06:31:37 PM (IST) | Updated: Sep, 16 2018 06:31:38 PM (IST) Unnao, Uttar Pradesh, India

देश की पहली वुमनिया बैंड पहली बार कार्यक्रम करने पहुंची उन्नाव, इस मौके पर उन्होंने समाज और परिवारीजनों को महिलाओं के प्रति नजरिया बदलने का संदेश दिया

 

 

उन्नाव. महिला संगीत कारों के साथ बनाई गई वुमनिया बैंड देश के विभिन्न हिस्सों में अपना कार्यक्रम प्रस्तुत कर चुकी है। लगभग ढाई साल पहले देहरादून में स्थापित की गई म्यूजिक इंस्टिट्यूट की छात्राओं को लेकर बनाया गया यह बैंड देश में अपने किस्म का पहला बैंड है। उत्तराखंड सरकार द्वारा पुरस्कृत ओमनिया बैंड की संस्थापक स्वाति सिंह उत्तर प्रदेश में पहली बार कार्यक्रम प्रस्तुत करने आई। देश की पहली वुमनिया बैंड की संस्थापक स्वाति सिंह पहली बार उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में कार्यक्रम प्रस्तुत करने आई। इस मौके पर उन्होंने पत्रिका से खास बातचीत में कहा कि शिक्षिका की नौकरी में मन नहीं लगने के बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी। एक कार्य के सिलसिले में देहरादून जाने का मौका मिला। वहीं पर उन्होंने म्यूजिक कॉलेज की स्थापना की जो आज देश की पहली वुमनिया बैंड के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर विख्यात है। उनका संगीत विद्यालय देहरादून में संचालित है। जिसमें संगीत के क्षेत्र में कुछ कर दिखाने की सोच रखने वालों को प्रशिक्षण दिया जाता है। आवास विकास के सी ब्लॉक में आयोजित गणेश महोत्सव में कार्यक्रम के दौरान वुमनिया बैंड कार्यक्रम प्रस्तुत करने आई थी।

स्वाति सिंह की मां उत्तरा चौहान भी संगीत टीचर

इस मौके पर उन्होंने बताया कि उनकी माता जी उत्तरा चौहान श्री नारायण डिग्री कॉलेज में संगीत शिक्षिका थी। जो आज रिटायर हो गई । उन्होंने भी अपनी पढ़ाई श्री नारायण डिग्री कॉलेज में पोस्ट ग्रेजुएट के रूप में पूरी की। इस बीच उनकी टीचर में शिक्षक पद पर नौकरी लग गई। लेकिन काम में उनका मन नहीं लगा और उन्होंने विज्ञान शिक्षक के पद से त्यागपत्र दे दिया। स्वाति सिंह ने बताया कि प्राइवेट जॉब के सिलसिले में देहरादून जाना हुआ। वहीं पर उन्होंने प्राइवेट जॉब करते हुए महिला दिवस पर ओमनिया बैंड की स्थापना की। जो आज राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि आर्केस्ट्रा व बैंड में पुरुषों का वर्चस्व। जिसमें महिलाएं एक सिंगर के तौर पर कार्य करती थी। लेकिन वुमनिया बैंड में सभी कलाकार महिलाएं हैं। जिसमें मां बेटी भी शामिल है।


उन्होंने समाज और खासकर मां-बाप से महिलाओं के प्रति नजरिया बदलने को कहा

एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि शुरुआत में काफी परेशानी हुई। समाज महिलाओं को देर रात तक काम करने के बाद घर लौटना स्वीकार नहीं कर पा रहा था। जिससे उन्हें भी जूझना पड़ा। लेकिन हमारी वर्तमान टीम के पारिवारिक सदस्यों के सहयोग और टीम के सदस्यों की दृढ़ इच्छाशक्ति आज वुमनिया बैंड राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त कर चुका है और देश का पहला औरतों का बैंड है। इस मौके पर उन्होंने उन्नाव के इच्छुक संगीतप्रेमी जो संगीत के क्षेत्र में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं को देहरादून में प्रशिक्षण देने की बात कही और कहा इसके लिए स्कॉलरशिप की भी व्यवस्था की जाएगी। इस मौके पर वुमनिया बैंड की संस्थापिका स्वाति सिंह के साथ देहरादून से विशेष रूप से बेस पर शाकुंभरी कोटनाला कीबोर्ड प्लेयर, दीपिका पांथरी ड्रम पर, विद्या कोटनाल, सपोर्टिंग गायिका पिया चौधरी ने संगत दी। इस मौके पर कार्यक्रम के संरक्षक मंडल प्रमुख अमरनाथ शुक्ला, आयोजक प्रसून शुक्ला, मनीष सिंह सेंगर, आलोक कथूरिया, बबलू सिंह चंदेल, कॉमेडियन लक्ष्य निगम, सलमान खान, पुष्कर तिवारी सहित अन्य लोग भी मौजूद थे।

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