गंगा तट में दफनाया गए शव का वीडियो वायरल होने के बाद योगी सरकार का बड़ा निर्णय, विधानसभा अध्यक्ष ने बताया

बोले अग्निदाह भूमि समर्पित और जल में प्रवाहित करने की परंपरा है, अग्निदाह ज्यादा

 

By: Narendra Awasthi

Updated: 15 May 2021, 04:48 PM IST

उन्नाव. गरीबी या अभाव में शव को गंगा नदी में ना बहाएं। अंतिम संस्कार का खर्च सरकार उठाएगी। मुख्यमंत्री ने इस संबंध का आदेश दिया है। विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने पत्र लिखकर यह जानकारी दी हैै। उन्होंने कहा कि बक्सर घाट पर रायबरेली, फतेहपुर के साथ उन्नाव के लोग अपनों का अंतिम संस्कार करने आते हैं। लगभग 100 किलोमीटर की परिधि में रहने वाले अंतिम संस्कार बक्सर घाट पर ही करना चाहते हैं। जिससे यहां पर भीड़ बनी रहती है। उन्होंने बताया कि सपा शासन के दौरान बिठूर स्थित गंगा नदी में शव बहते मिली मिले थे। लेकिन उक्त घटना की कोई भी जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं है। विधानसभा अध्यक्ष का पत्र विशेष कार्याधिकारी पंकज मिश्रा ने जारी किया है।

यह भी पढ़ें

कोई पत्नी ऐसा भी करती है जैसा इन्होंने किया, पुलिस को करना पड़ा हस्तक्षेप

विधानसभा अध्यक्ष ने पत्र लिख दी जानकारी

विधानसभा अध्यक्ष ने अपने पत्र में लिखा है कि बक्सर के तट पर अंत्येष्टि की बहुत ही पुरानी परंपरा है। जहां तीन प्रकार से अंत्येष्टि की जाती है। जिसमें अग्निदाह, भूमि को समर्पित या जल में प्रवाहित करना शामिल है। ऐसे जिनकी उम्र कम होती है या फिर अविवाहित कन्या को भूमि समर्पित या जल में प्रवाहित करने की परंपरा है। 5 - 10 साल पूर्व गंगाजल को निर्मल बनाने के लिए जल में प्रवाह करने पर रोक लगा दी गई थी। अब जबकि सरकार ने यह निर्णय लिया है गरीब या अभाव में रहने वाले लोगों के मृतक के शव का अंतिम संस्कार का खर्च सरकार उठाएगी से इस प्रकार के लोगों को राहत मिलेगी।

Narendra Awasthi
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned