scriptएआरटीओ कार्यालय का कारनामा, फर्जी बीमा से वाहन का हो गया रजिस्ट्रेशन, वाहन स्वामी को नहीं मिली गाड़ी | Corruption in ARTO office, matter reaches court | Patrika News
यूपी न्यूज

एआरटीओ कार्यालय का कारनामा, फर्जी बीमा से वाहन का हो गया रजिस्ट्रेशन, वाहन स्वामी को नहीं मिली गाड़ी

उप संभागीय परिवहन कार्यालय में फर्जी बीमा के साथ वाहन का रजिस्ट्रेशन कर दिया गया। यही नहीं प्राइवेट गाड़ी का कमर्शियल रजिस्ट्रेशन किया गया। वाहन स्वामी गाड़ी की कीमत अदा करने के बाद भी दर-दर की ठोकरे खा रहा है और उसे वाहन एक्सयूवी 500 नहीं मिली। मामला अदालत में पहुंच गया है। ‌

उन्नावJun 20, 2024 / 06:10 am

Narendra Awasthi

उत्तर प्रदेश के उन्नाव में एआरटीओ कार्यालय की मिली भगत से वाहन डीलर ने वाहन स्वामी के साथ बहुत बड़ा फ्रॉड किया है। एक्सयूवी 500 की कीमत देने के बाद भी गाड़ी नहीं दी गई। ‌जन सूचना अधिकार में दिए गए सवालों के जवाब में एआरटीओ कार्यालय ने स्वीकार किया कि वाहन पंजीयन के लिए डीलर ने जो कागज कार्यालय में प्रस्तुत किया था। उनमें बीमा भी संलग्न है। लेकिन वह फर्जी था। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि डीलर ने जो सत्यापित करते हुए बीमा की कॉपी कार्यालय में दी है। वह कूटरचित और फर्जी है।
यह भी पढ़ें

साक्षी महाराज का बड़ा बयान, बोले- 400 पार का नारा देने वाले करेंगे हार की समीक्षा

जन सूचना अधिकारी एआरटीओ कार्यालय ने बताया कि मैसर्स श्री तिरुपति ऑटो द माल कानपुर ने मोटर अधिनियम 1988 के अंतर्गत दिये गये प्रमाण पत्र के विरुद्ध कार्य किया गया है। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन कानपुर नगर को लिखे गए पत्र में ट्रेड प्रमाण पत्र को निलंबित या निरस्त किए जाने की संस्तुति की गई थी। पत्र के आधार पर 1 दिसंबर 2023 को मैसर्स श्री तिरुपति ऑटो द माल कानपुर का व्यापार प्रमाण पत्र 30 नवंबर 2023 से 2 दिसंबर 2023 तक के लिए निलंबित किया गया था।

थाना में तहरीर देकर दर्ज कराया मुकदमा

इस संबंध में वाहन स्वामी ने थाना में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है। मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के एआरटीओ कार्यालय का है। जबकि गाड़ी एक्सयूवी 500 महिंद्रा कंपनी की है। ‌दिए गए तहरीर के आधार पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 420 504 और 506 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया था।

26 अगस्त 2019 को दर्ज कराया गया मुकदमा

सदर कोतवाली में 26 अगस्त 2019 को दिए तहरीर में अवधेश कुमार ने बताया कि उन्होंने महिंद्रा की चार पहिया वाहन एक्सयूवी श्री तिरुपति ऑटो डीलर महिंद्रा ऐंड महिंद्रा लिमिटेड आवास विकास कॉलोनी से खरीदा था। उक्त वाहन के टेंपरेरी रजिस्ट्रेशन के लिए उन्होंने 18 सौ रुपए कंपनी में जमा किया था। लेकिन रसीद नहीं दी गई। उन्होंने बीमा का 57828 रुपए कंपनी के पास जमा किया। जिसकी भी रसीद व पॉलिसी बांड अभी तक नहीं दी गई। वाहन खरीद के समय 12587 रुपए टीडीएस भी काटा गया। जिसकी भी रसीद नहीं दी गई।

पैसे के लेन-देन में भी घोटाला

अवधेश कुमार ने बताया कि कंपनी के पास वाहन खरीदने के लिए 2 लाख 20 हजार रुपए चार बार में जमा किया था। लेकिन रसीद 193249 रुपए की दी गई। शेष 26751 रुपए का कोई लेखा-जोखा नहीं दिया जा रहा है। गाड़ी के कागज के संबंध में कई बार एजेंसी से बातचीत की गई। लेकिन कागज नहीं दिए गए।‌

एजेंसी से वाहन के कागज नहीं दिए गए

उन्होंने एजेंसी में कागज मांगा तो तत्कालीन एजेंसी मैनेजर आदित्य शर्मा उर्फ मुकेश, मनीष कुमार गुप्ता और देवेंद्र सिंह ने उसके साथ अभद्रता और गाली-गलौच करते हुए जान से मारने की धमकी दी‌। शोरूम से भगा दिया गया। अब फर्म के मालिक नाम-पता बदलकर कार्य कर रहा है। इन लोगों ने उनके साथ जानबूझकर धोखाधड़ी, जालसाजी की है‌।

Hindi News/ UP News / एआरटीओ कार्यालय का कारनामा, फर्जी बीमा से वाहन का हो गया रजिस्ट्रेशन, वाहन स्वामी को नहीं मिली गाड़ी

ट्रेंडिंग वीडियो