अंधविश्वास का खेल: आग की लपटों में नचाया किशोरी को 

अंधविश्वास का ऐसा नाच जिसे देख आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे, मौत के मुंह में पहुंची किशोरी

जौनपुर. खेतासराय के सरवरपुर वार्ड में प्रेतबाधा दूर करने के चक्कर में मंगलवार की भोर एक किशोरी बुरी तरह से झुलस गई। उसे गंभीर हालत में पीएचसी ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। किशोरी मानसिक रूप से बीमार है। उसके परिजनों ने एक बाबा के कहने पर उसे आग के चारों ओर नचाने की प्रक्रिया शुरू की थी। इस प्रक्रिया के दौरान आग ने किशोरी को अपनी चपेट में ले लिया।

सरवरपुर वार्ड निवासी कुंजल के 14 वर्षीय बेटी मनीषा मानसिक रूप से बीमार रहती थी। कई जगह इलाज कराने के बाद भी उसे फायदा नहीं हुआ। किसी ने आशंका जाहिर की कि मनीषा पर प्रेताबाधा है। उसे किसी तांत्रिक को दिखाना चाहिए। कुंजल को बात ठीक लगी तो वो मनीषा को एक तांत्रिक के पास ले गया। तांत्रिक ने बताया कि भोर में एक गड्ढे के भीतर बांस की पत्तियां इकट्ठा कर उसमे आग लगा दो। फिर उसके किनारे चक्रमण करने से प्रेतबाध दूर हो जाएगी। इस दौरान परिवार का कोई भी सदस्य वहां नहीं रहे।

मंगलवार की भोर में तांत्रिक के बताए टोटके पर अमल किया गया। आग लगाकर सभी हट गए। मनीषा उस गड्ढे की परिक्रमा करेन लगी तो आग ने उसे अपनी चपेट में लिया। संयोग से उस ओर शौच के लिए गई कुछ महिलाओं ने मनीषा को जलते देखा तो शोर मचाने लगी। शोर सुनकर परिजन और गांव के लोगाों ने किसी तरह आग बुझाई। आग में गंभीर रूप से झुलस चुकी मनीषा को सोंधी पीएचसी पर ले जाया गया। जहां उसका प्राथमिक उपचार करने के बाद चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। 

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