बड़ा फैसला, BHU में दाखिला लेना है तो न्यूनतम अंक हासिल करना होगा

बड़ा फैसला, BHU में दाखिला लेना है तो न्यूनतम अंक हासिल करना होगा

Ajay Chaturvedi | Publish: Sep, 09 2018 11:29:20 AM (IST) | Updated: Sep, 09 2018 11:29:21 AM (IST) Varanasi, Uttar Pradesh, India

शून्य और ऋणात्मक कटऑफ पर नहीं मिलेगा दाखिला।

वाराणसी. काशी हिंदू विश्वविद्यालय विद्वत परिषद ने विश्वविद्यालय के शैक्षणिक उन्नयन के लिए बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत अब किसी भी विभाग या संस्थान में शून्य या ऋणात्मक कटऑफ पर कोई दाखिला नहीं होगा। परिषद ने विश्वविद्यालय में दाखिले के लिए नए मानक निर्धारित कर दिए हैं। अब कार्यपरिषद की मुहर लगते ही यह कानून में परिवर्तित हो जाएगा और यह व्यवस्था आगामी सत्र के लिए होने वाली प्रवेश परीक्षा से लागू हो जाएगी।

विश्वविद्यालय में दाखिले के लिए संस्तुत मानक
विश्वविद्यालय सूत्रों के मुताबिक अब तक कृषि विज्ञान संस्थान सहित तमाम तकनीकी विभागो व संस्थानों में ऋणात्मक और शून्य कटऑफ तक प्राप्तांक हासिल करने वाले अभ्यर्थियो को भी दाखिला मिल जाया करता रहा। लेकिन अब विद्वत परिषद ने तय किया है कि स्नातक व परास्नातक कक्षाओं में प्रवेश के लिए सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को न्यूनतम 35 और आरक्षित वर्ग के लिए न्यूनतम 25 फीसदी अंक हासिल करना अनिवार्य होगा। परिषद के इस अहम् फैसले के तहत विभाग अथवा संस्थान में भले ही सीटें रिक्त रह जाएं लेकिन न्यूनतम अर्हता हासिल करने पर ही प्रवेश मिलेगा। बताया जा रहा है कि ऐसा विश्वविद्यालय की गरिमा और शैक्षणिक स्तरोन्नयन के लिए किया गया है।


23 नए गोल्ड मेडल की संस्तुति
परिषद ने विश्वविद्यालय में इस बार 23 नए गोल्ड मेडल भी शुरू करने की संस्तुति भी की है। स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रमों में शीर्ष स्थान हासिल हासिल करने वाले विद्यार्थियों को ये मेडल दिए जाएंगे। खास बात यह कि इसमें एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों के नाम से स्वर्ण पदक दिए जाएंगे। इसके तहत मास्टर ऑफ जर्नलिज्म में प्रो अमर बहादुर सिंह, अमर ज्योति सिंह तथा डॉ अमरनाथ सिंह तीनों भाइयों के नाम से शुरू होगा। दूसरा गोल्ड मेडल, राजनीति विज्ञान विभाग में परास्नातक कक्षा में सर्वोच्च अंक हासिल करने वाले विद्यार्थी को ठाकुर संग्राम सिंह व सूर्यमुकी देवी तथा तीसरा स्वर्ण पदक एमए/एमएससी गणित के टॉपर को इंडियन रेलवे सर्विसेज ऑफ इंजीनियर आरपी सिंह व रमावती सिंह के नाम से दिया जाएगा।

डिपार्टमेंट ऑफ डेयरी साइंस एंड फूड टेक्नॉलजी होगा नया विभाग
इतना ही नहीं कुलपति प्रो राकेश भटनागर की अध्यक्षता में हुई परिषद की बैठक में तय किया गया कि डेयरी विभाग के एनिमल हेसबेंडरी व फूड साइंस विभाग को मिलाकर एक विभाग बनाने का भी फैसला लिया गया। अब इस नए विभाग का नाम डिपार्टमेंट ऑफ डेयरी साइंस एंड फूड टेक्नॉलजी होगा। परिषद ने विज्ञान संस्थान के रसायन विभाग में फोरेंसिक साइंस सेंटर खोलने की संस्तुति भी की है।

महाविद्यालयों में शिक्षक एवं शोध की गुणवत्ता एवं उत्कृष्ठता को उन्नत किए जाने पर फोकस
बैठक में वैदिक विज्ञान केंद्र सहित अन्य केंद्रों की स्थापना पर सहमति जताई गई। विश्वविद्यालय से सम्बद्ध महाविद्यालयो में शिक्षक एवं शोध की गुणवत्ता एवं उत्कृष्ठता को उन्नत किए जाने पर चर्चा हुई। पर्यावरण एवं धारणीय विकास संस्थान में तीन नए विभागो को खोले जाने के प्रस्ताव पर परिषद ने अपनी मुहर लगाई। साथ ही शिक्षण एवं शोध संबंधी कई प्रस्तावो पर चर्चा की गई।

ये थे मौजूद
बैठक में कुलसचिव डॉ नीरज त्रिपाठी भी मंचासीन थे। बैठक में बाहरी सदस्यो के रुप में प्रो पंकज चन्द्रा, वाईस चांसलर एण्ड चेयरमैन बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट अहमदाबाद युनिवर्सिटी, प्रो रविकान्त वाईस चांसलर किंग जार्जस मेडिकल युनिवर्सिटी लखनऊ, प्रो आरसी सोबती, पूर्व कुलपति बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर युनिवर्सिटी लखनऊ, डॉ सोमा घोष, प्रो कमलेश पी जोशीपुरा, विधि संकाय सौराष्ट्र युनिवर्सिटी, डॉ वाईए0 कुल, निदेशक प्लानिंग एंड फार्म डेवलपमेंट ग्वालियर, प्रो नंदिता सिंह शिक्षा विभाग पंजाब युनिवर्सिटी चंडीगढ़ के अलावा आंतरिक सदस्यों के तौर पर संस्थानो के निदेशक, संकाय प्रमुख, विभागाध्यक्ष, समस्त विभागो से एक वरिष्ठ आचार्य, एमेरिटस प्रोफेसर, डिस्टिग्विस्ट प्रोफेसर आदि उपस्थित थे। की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो राकेश भटनागर ने की।

बीएचयू विद्वत परिषद की बैठक
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