वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन के बाहर हादसा, अनियंत्रित होकर कार ने पांच को रौंदा, खुफिया एजेंसी चौकन्ना

शुक्रवार सुबह वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन पर अनियंत्रित कार ने राहगीरों को टक्कर मार दी। हादसे में पांच लोग बुरी तरह जख्मी हो गए। पांच में से तीन एक ही परिवार से हैं।

By: Karishma Lalwani

Published: 18 Dec 2020, 06:06 PM IST

वाराणसी. शुक्रवार सुबह वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन पर अनियंत्रित कार ने राहगीरों को टक्कर मार दी। हादसे में पांच लोग बुरी तरह जख्मी हो गए। पांच में से तीन एक ही परिवार से हैं। सभी घायलों को जीआरपी ने मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा में भर्ती कराया गया है। उधर, लापरवाही से गाड़ी चलाने पर चालक राजेश को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी के खिलाफ 307 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

शुक्रवार सुबह 11.30 बजे प्रीपेड टैक्सी बूथ की कार पार्किंग से निकल रही थी तभी अचानक एक बाइक सवार विकास नंद पांडेय अचानक कार के सामने आ गए। जिसे बचाने के चक्कर में कार अनियंत्रित होकर स्टेशन के मुख्य द्वार की रेलिंग तोड़ते हुए स्टेशन के बुकिंग हॉल के बाहर घुस गई। बुकिंग हाल के बाहर चिरईगांव के कोटमा कपिलधारा के जमुना प्रसाद गुप्ता अपनी पत्नी, बच्चे और बहन के साथ बैठे थे। कार तीनों को टक्कर मारते हुए रुक गई।

इनकी गई जान

हादसे में मीरा देवी, दिव्या गुप्ता, आशा गुप्ता समेत बगल में ही बैठे रिक्शा चालक मंगरु और बाइक सवार विकास नंद पांडेय घायल हुए हैं। सभी का इलाज मंडलीय अस्पताल में चल रहा है। कार स्टेशन प्रीपेड टैक्सी बूथ की है, जो राजेश यादव के नाम से निबंधित है।

दरअसल, प्रीपेड स्टैंड से निकली कार को परिसर में धक्का लगाकर स्टार्ट किया जा रहा था। चालक और मालिक राजेश के हाथों में स्टीयरिंग की कमान थी। स्टार्ट होते ही कार अनियंत्रित हो गई। सामने खड़े बाइक सवार भर्थरा (लोहता) निवासी विकास नन्द पांडेय (35) को टक्कर मारते हुए मुख्य भवन द्वार पर लगी रेलिंग को तोड़ दिया। अंदर घुसते ही कार ने जमकर तांडव मचाया। बाहर धूप सेंक रहे एक परिवार के चार सदस्य और एक रिक्शा चालक को रौंदते हए कार मुख्य भवन के दीवार से टकराकर बंद हो गई। मौके पर दौड़े आरपीएफ व जीआरपी के जवानों ने कार चालक को हिरासत में लिया और घायलों को उपचार के लिए कबीरचौरा स्थित मण्डलीय अस्पताल में भर्ती कराया।

14 साल पहले भी हुआ था हमला

इस दुर्घटना के बाद खुफिया एजेंसियां चौकन्ना हो गई हैं। दरअसल, आतंकी हमले का दंश झेल चुके कैंट स्टेशन पर 14 साल पहले दर्जनों लोगों ने जान गवाई थी। लिहाजा, खुफिया इकाई बड़ी ही बारीकी से दुर्घटना के पीछे असल कारणों का अध्ययन कर रहे थे।

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Karishma Lalwani
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