सर्किजल स्ट्राइक के बाद स्लीपर माड्यूृल्स बड़ा खतरा 

सर्किजल स्ट्राइक के बाद स्लीपर माड्यूृल्स बड़ा खतरा 
sleeper cell

रहिए सतर्क, आसपास रखिए नजर, जानिए और क्या कह रही पुलिस 

वाराणसी. उरी हमले के बाद भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक से पाकिस्तानी सेना  और आतंकवादी संगठन बुरी तरह बौखलाए हैं। ऐसे में भारत में शरणार्थी और देश की रोटी खाकर गद्दारी करने वाले स्लीपर सेल की मदद से देश के विभिन्न हिस्सों में आतंकी धमाके कर सकते हैं। 

केंद्रीय खुफिया एजेंसी के इनपुट के बाद उत्तर प्रदेश के सभी जिलों को हाईअलर्ट कर दिया गया है। पूर्वांचल के आजमगढ़, वाराणसी, मीरजापुर में खास सतर्कता बरती जा रही है। गौरतलब है कि बीते वर्षों में खुफिया एजेंसियों ने एक रिपोर्ट तैयार की थी जिसमें वाराणसी में मौजूदा समय में 25 हजार से अधिक लोग बंगलादेश से आए हैं और खुद को पश्चिम बंगाल का बताते हैं। पूर्वांचल में इनकी संख्या लाखों में हैं। वाराणसी में कचहरी में हुए बम विस्फोट में आतंकियों द्वारा स्लीपर माड्यूल्स के जरिए ही धमाके कराए थे। 

स्लीपर माड्यूल्स या स्लीपर सेल हमारे आपके बीच के ही लोग हैं। यह झुग्गी-झोपडिय़ों से लेकर किराये के मकानों में बसते हैं। रोजमर्रा की जिंदगी जीते हैं और कुछ इस तरह से घुलमिल जाते हैं कि किसी को उनपर शक तक नहीं होता है। जब तक इन्हें सीमा पार से कोई संदेश नहीं मिलता यह चुपचाप आम जिंदगी जीते हैं और क्षेत्र के चप्पे-चप्पे पर नजर रखते हैं। 
 

उत्तर प्रदेश पुलिस ने भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइके बाद दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव को देखते हुए प्रदेशवासियों के लिए एडवाइजरी जारी की है कि अपने आसपास सतर्क नजर रखें, कोई संदिग्ध शख्स या वस्तु दिखे तो तत्काल पुलिस को 100 नंबर पर या नजदीकी पुलिस स्टेशन पर इसकी सूचना दें। भीड़भाड़ वाले इलाकों में मसलन रेलवे, बस स्टेशन, बाजार, मंदिर, अन्य उपासना स्थल, स्कूल-कालेज व सार्वजनिक पार्कों पर खास तौर पर सतर्कता बरतें। बच्चों को अकेले इधर-उधर न निकलने दें। 

सर्जिकल स्ट्राइके बाद सुरक्षा एजेंसियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में विशेष नजर रखे हैं। स्थानीय पुलिस खास सतर्कता बरत रही है। विश्वनाथ मंदिर समेत अन्य प्रमुख मंदिरों, डीरेका परिसर समेत कचहरी, जिला मुख्यालय व घाट किनारे सुरक्षा-व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। जिले की सीमाओं पर लगातार चेकिंग हो रही है। 
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