जिला पंचायतों के बैरियर पर अखिलेेश सरकार का ब्रेक

जिला पंचायतों के बैरियर पर अखिलेेश सरकार का ब्रेक
varanasi jila panchayat

शिवपाल खेमे को झटका, जिला पंचायतों को निर्देश, बैरियर लगाकर न हो वसूली

वाराणसी. सियासी संग्राम के बीच अखिलेश यादव सरकार ने अब चाबुक चलाना शुरू कर दिया है। अखिलेश यादव की सरकार ने ऐसा दांव चला जिससे शिवपाल व उनके बाहुबली समर्थकों की कमाई पर चोट लगी है। 

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सभी जिला पंचायतों को बैरियर लगाकर वाहनों से वसूली को प्रतिबंधित कर  दिया है। वाराणसी समेत प्रदेश की अधिकतर जिला पंचायतों पर शिवपाल खेमे का कब्जा है। जिला पंचायत के लोग बैरियर के जरिए प्रतिदिन लाखों कमाई करते और सरकार की झोली में नाममात्र का पैसा आता। 

मुख्य सचिव राहुल भटनगार की ओर से जारी शासनादेश में प्रदेश के सभी मंडल कमिश्रर, जिलाधिकारी को कहा है कि शासन के संज्ञान में आया है कि पूर्व में जारी आदेश के बावजूद जिला पंचायत क्षेत्रों में बैरियर लगाकर वसूली की जा रही है जिसके चलते आमजनमानस को भारी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सभी कमिश्रर व जिलाधिकारी ये सुनिश्चित कराएं कि उनके जिलों में बैरियर लगाकर राजस्व की वसूली नहीं हो रही है। बैरियर व्यवस्था समाप्त कराने के साथ ही यह भी सुनिश्चित कराएं कि बैरियर हटने से राजस्व वसूली और जिला पंचायत की आय में कोई कमी न हो। 


बैरियर से होने वाली कमाई को लेकर वाराणसी में रार हो चुका है। वाराणसी में जिला पंचायत के तीन बैैरियर चलते थे लेकिन सर्वाधिक धन देता था रामनगर का बैरियर। एक बाहुबली के भतीजे ने एक साल में इस बैरियर से करोड़ों की कमाई की। बाहुबली की कमाई पर शिवपाल खेमे की नजर पड़ी और फिर जिला पंचायत में ऐसा खेल हुआ कि बाहुबली के भतीजे को कुर्सी छोडऩी पड़ी और शिवपाल खेमे से जुड़ी महिला नेत्री का इस सीट पर कब्जा हुआ। पूर्व व वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष के बीच रामनगर के बैरियर से होने वाली वसूली को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी चला लेकिन शिवपाल खेमे ने बाहुबली के भतीजे की ऐसी घेराबंदी की कि उसे रामनगर का बैरियर तो छोडऩा ही पड़ा, पार्टी की सदस्यता भी ग्रहण करनी पड़ी और चुनाव में कदम पीछे खींचने पड़े। 

सूत्रों के अनुसार जिला पंचायत को तो वर्तमान में प्रतिदिन तीस से पैंतीस हजार रुपये राजस्व के रूप में मिलते हैं लेकिन बैरियर पर जिसका कब्जा होता है उसकी दिनभर में एक लाख से अधिक कमाई हो जाती है। हालांकि बीते जून माह से बैरियर से वसूली पर ही ब्रेक लगा था। पड़ोसी जिले मीरजापुर में भी बाहुबली पूर्व एमएलसी व बसपा प्रत्याशी विनीत सिंह  की कमाई का बहुत बड़ा जरिया बैरियर ही थी।सोनभद्र व मीरजापुर के बीच इस बाहुबली के एक दर्जन से अधिक बैरियर थे जिनसे प्रतिदिन लाखों की वसूली होती थी लेकिन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खिलाफ जारी एक विवादित पोस्टर ने सारा खेल पलट दिया। पुलिस ने बाहुबली के मीरजापुर में चल रहे रहे बैरियर को बंद करवाकर जबरदस्त आर्थिक चोट पहुंचाई। 

जानकारी के अनुसार प्रदेश में लगभग 72 जिला पंचायतें हैं जिनमें से अधिक पंचायतों पर मुख्यमंत्री के चाचा व सपा प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव के चहेते विराजमान हैं। चाचा-भतीजे के बीच चल रही रार के बाद अखिलेश सरकार ने जिस तरह से शिवपाल खेमे के लोगों की कमाई के स्त्रोत पर चाबुक चलाया है उससे तो यही लगता है कि आने वाले दिनों में अखिलेश सरकार और कड़े फैसले लेगी। 
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