माफिया मुन्ना बजरंगी की शरण में अपना दल

माफिया मुन्ना बजरंगी की शरण में अपना दल
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कृष्णा पटेल गुट बजरंगी के साथ, पत्नी को मिलेगा टिकट

वाराणसी. अपना दल कृष्णा पटेल गुट अब उत्तर प्रदेश की चुनावी बैतरणी पार करने के लिए माफिया गिरोह के आगे शरणागत हो गया है। बेटी अनुप्रिया पटेल के बगावती तेवर व केंद्र सरकार में ओहदा मिलने के बाद मां-बेटी में रार इस कदर बढ़ गई है कि अब कृष्णा पटेल गुट ने साम-दाम-दंड-भेद की नीति अपना ली है। 

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव में अधिक से अधिक अपने लोगों को जीत दिलाने के लिए कृष्णा पटेल गुट पूर्वांचल के सबसे बड़े माफिया गिरोह की शरण में पहुंच गया है। बाहुबली दबंग विधायक मोख्तार अंसारी के गिरोह से जुड़े माफिया मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह अपना दल कृष्णा पटेल गुट के टिकट पर जौनपुर के मडिय़ाहू विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगी। मुन्ना बजरंगी के समर्थकों की माने तो टिकट फाइनल हो चुका है इसलिए चुनावी बिगुल बजने से पहले ही प्रचार-प्रसार भी शुरू है। 

कुख्यात मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह ने बीते जुलाई में जौनपुर में अपना दल की  स्वाभिमान यात्रा की अगुवाई की थी। इस स्वाभिमान यात्रा में अपना दल की राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा पटेल और उपाध्यक्ष पल्लवी पटेल भी शामिल थी। स्वाभिमान यात्रा के दौरान भी मुन्ना बजरंगी पत्नी की जीत सुनिश्चित करने के लिए अपने समर्थकों के जरिए बसपा से टिकट लेने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहा था क्योंकि बसपा से टिकट मिलने का मतलब था कि एक बड़ा वोटबैंक बिना मेहनत अपने खाते में आना। बात लगभग तय थी लेकिन बीच में मोख्तार से मित्रता और दयाशंकर सिंह के विवाद ने रोड़ा अटका दिया। ऐसे में मुन्ना बजरंगी के लोगों ने कृष्णा पटेल से मुलाकात की। 

बागी बेटी अनुप्रिया के बढ़ते कद को देखते हुए कृष्णा पटेल ने खुद को मजबूत करने के लिए माफिया मुन्ना बजरंगी की ओर से बढ़ाया गया हाथ थाम लिया। कृष्णा पटेल को मालूम है कि माफिया मुन्ना बजरंगी का पूर्वांचल के वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर समेत अन्य जिलों में खासा प्रभाव है। चुनाव में धनबल के साथ बाहुबल की भी जरूरत होती है और इसी सोच ने कृष्णा पटेल गुट को माफिया की शरण में पहुंचा दिया।

गौरतलब है कि मुंबई में गिरफ्तार होने के बाद माफिया मुन्ना बजरंगी की जेल में रहते राजनीति के मैदान में उतरने की महत्वाकांक्षा जाग गई। माफिया बजरंगी ने जेल में रहते वर्ष 2012 में मडिय़ाहू विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। पर्चा रद होने की आशंका पर माफिया मुन्ना बजरंगी ने अपनी पत्नी सीमा सिंह को भी चुनाव मैदान में उतारा था। सीमा सिंह ने उस दौरान भी अपना दल के सिंबल पर ही चुनाव लड़ा था। उस दौरान अनुप्रिया पटेल और कृष्णा पटेल साथ-साथ थीं।
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