अरबपति एआरटीओ को नहीं मिली जमानत, रिमांड पर ले गयी चंदौली पुलिस

कोर्ट ने सुनवाई के बाद किया निर्णय, जानिए और कया है कहानी

By: Devesh Singh

Published: 24 Jun 2017, 08:57 PM IST



वाराणसी. अरबपति चंदौली के निलंबित एआरटीओ आरएस यादव को शनिवार को भी कोर्ट से झटका मिला है। अवैध वसूली, धमकी देने आदि के मामले में विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) जितेन्द्र कुमार पाण्डेय की अदालत ने आरएस यादव की जमानत याचिका को सुनवाई के बाद खारिज कर दिया है। इसके बाद आरएस यादव को चंदौली पुलिस अपने साथ 36 घंटे की रिमांड पर ले कर चली गयी है। 25 जून को रात 10 बजे तक सीएम योगी आदित्यनाथ की पुलिस को पूछताछ करके एआरटीओ की सम्पत्ति का पता करने का मौका है।

कोर्ट ने सुनवाई के बाद स्पष्ट कर दिया है कि आरोपी एफआईआर में नामजद अभियुक्त है और पकड़े गये एआरटीओ के चालक शिवबहादुर के बयान के आधार पर ही आरएस यादव का नाम सामने आया है। यही बयान आरोपी को घटना से जोड़ता है। अदालता ने साफ कर दिया कि भ्रष्टाचार करना या फिर करवाना, वसूली होने देना गंभीर आरोप है। आपराधिक षडय़ंत्र के तहत करायी जा रही वसूली भी गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। कोर्ट ने कहा कि विवेचना के दौरान आरोपी के खिलाफ कई व्यक्तियों ने साक्ष्य दिये हैं, जिससे अभियुक्त के भ्रष्टाचार में संलग्र होना दर्शता है। गिरफ्तारी से पहले ही प्रकरण को प्रभावित करने का साक्ष्य एसएचओ अलीनगर ने दिया है। यदि इस स्थिति में आरोपी को जमानत दे दी जाती है तो वह विवेचना को प्रभावित कर सकता है। कोर्ट ने साफ कर दिया कि सभी परिस्थितियों को देखते हुए आरोपी की जमानत अर्जी खारिज करने योग्य है।


अदालत का निर्णय आने के बाद चंदौली पुलिस ने 23 जून को कोर्ट के दिये गये निर्णय के अनुसार अपने साथ रिमांड पर लेकर चली गयी है। पुलिस ने ट्रक से छीने गये कागजात, अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामदी के लिए कोर्ट से 3 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने सिर्फ 36 घंटे की रिमांड को मंजूरी दी है इसके चलते एआरटीओ अब चंदौली पुलिस के पास है और 25 जून को रात 10 बजे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वाराणसी जिला जेल लाये जायेंगे।
Show More
Devesh Singh
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned