बृजेश-मोख्तार ने मिलाया हाथ, पूर्वांचल की राजनीति पर होगा माफिया गैंग का कब्जा, 

बृजेश-मोख्तार ने मिलाया हाथ, पूर्वांचल की राजनीति पर होगा माफिया गैंग का कब्जा, 
brijesh singh and mokhtar

माफिया से माननीय बनने के लिए माफिया गैंग के नए पैंतरे से राजनीतिक दलों में सरगर्मी, क्या चल रहा अंदरखाने में पढि़ए पूरी खबर

वाराणसी. पूर्वांचल की सियासत पर माफिया गैंग राज करने के लिए रोज नए दांव चल रहे हैं। कहीं वर्षों पुराने दुश्मन गले मिल रहे हैं तो कहीं दशकों पुरानी दोस्ती में दरार आ गई है। माफिया से माननीय बनने का सफर तय करने को पूर्वांचल की माफिया गैंग जिस तरह उतावली है और रोज-रोज नए दांव खेल रही उससे राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीतिक दलों में सरगर्मी बढ़ गई है। शीर्ष नेतृत्व तक बात पहुंच गई है कि पूर्वांचल में माफिया गैंग के सपोर्ट के बिना पताका फहराना मुश्किल है। सूत्रों की माने तो विभिन्न राजनीतिक दलों के क्षेत्रीय संगठन की ओर से शीर्ष नेतृत्व को पहुंचाई गई रिपोर्ट पर माफिया से माननीय बनने को आतुर बाहुबलियों को अपने टिकट पर विधानसभा भेजने की तैयारी की जा रही है। 

बृजेश और मुख्तार के बीच कड़वाहड़ खत्म 
नब्बे के दशक में वर्चस्व की लड़ाई को लेकर पूर्वांचल के दो माफिया बृजेश सिंह व मोख्तार अंसारी जिन्होंने अब राजनीतिक चोला पहन लिया है, एक दूसरे के खून के प्यासे थे। रेलवे के स्क्रैप और कोयले के काले कारोबार पर वर्चस्व के लिए बृजेश और मोख्तार गैंग कई बार टकरा चुकी है। इन दोनों माफिया के बीच की जंग आज भी पूर्वांचल में बड़े चटखारे के साथ सुनी जाती है। समय के साथ बृजेश और मोख्तार ने भी पुरानी दुश्मनी को भूलते हुए एक-दूसरे की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाया है। वजह- बढ़ती उम्र के साथ ही अपने आर्थिक साम्राज्य को संभालने की चुनौती के साथ ही अपने वर्चस्व को कायम रखना है। दोनों के बीच दुश्मनी का फायद अन्य माफिया गैंग ने उठाया। बृजेश के एमएलसी बनने के बाद से उसकी ताकत में जिस तरह बढ़ी उससे विरोधी दलों की भी नींद उड़ गई। बृजेश ने अपनी बढ़ती ताकत का फायदा दुश्मनों की तरफ दोस्ती की तरफ हाथ बढ़ाकर किया जिससे विरोधी भी भौचक रह गए। बीते दिनों एमएलसी बृजेश की बेटी की शादी में अतीक अंसारी, विजय मिश्र समेत कई ऐसे चेहरे दिखे जो कभी बृजेश गैंग को फूटी आंख नहीं सुहाते थे। मोख्तार के खास मित्रों का बृजेश के साथ गलबहियां करना बताता है कि आगामी विधानसभा चुनाव में पूर्वांचल की कमान बृजेश सिंह के हाथों में होगी। 

एमएलसी चुनाव में ही लिख गई थी पटकथा
माफिया गैंग्स की गोलबंदी की पटकथा बीते एमएलसी चुनाव में ही लिख दी गई थी। बाहुबली विनीत सिंह की बढ़ती ताकत पर ब्रेक लगाने के लिए छटपटा रहे भदोही के विजय मिश्र ने धुर विरोधी बृजेश सिंह की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाया था। एक तीर से दो निशाने लगते देख बृजेश सिंह के करीबियों ने मौका लपका और तय हुआ कि भदोही में विजय मिश्र बृजेश सिंह का समर्थन करेंगे और मीरजापुर में बृजेश के समर्थक विजय मिश्र की पत्नी का जिला पंचायत के चुनाव में। दोनों ने अपना वादा पूरा किया और मीरजापुर में विजय मिश्र की पत्नी तो दूसरी तरफ बृजेश ने एमएलसी चुनाव में बाजी मार ली। हार से बौखलाए विनीत ने बृजेश सिंह को चुनौती देने के लिए आगामी विधानसभा चुनाव में बृजेश के विधायक भतीजे सुशील सिंह के चंदौली क्षेत्र से खड़े होने की तैयारी शुरू कर दी है। 

विधायक का मैनेजमेंट व बृजेश की दोस्ती आएगी काम
विधानसभा चुनाव में हार का मुंह देखने वाले बृजेश सिंह जेल के भीतर से इस बार बड़ी आसानी से एमएलसी का चुनाव जीत गए। सूत्रधार बने थे उनके विधायक भतीजे सुशील सिंह। कहना गलत नहीं होगा कि सुशील सिंह के मैनेजमेंट के चलते ही पूर्वांचल में बृजेश सिंह का सिक्का एक बार फिर से चल पड़ा। जो दोस्त दूर हो गए थे, वे नजदीक आ गए। क्षत्रपों की गोलबंदी का बड़ा श्रेय सुशील सिंह को गया। सुशील सिंह फिलहाल अपने धुर विरोधियों को शांत कराने के साथ ही अपने चाचा के लिए एक बड़े राजनीतिक दल में प्रवेश के लिए मार्ग भी बनाया। सूत्रों की माने तो आने वाले समय में बृजेश सिंह बीजेपी में शामिल होंगे। 

मुन्ना बजरंगी जौनपुर से ठोकेगा ताल
पूर्वांचल के दो बाहुबलियों के बीच पक रही खिचड़ी से अनजान रहे माफिया मुन्ना बजरंगी के कानों तक पहुंची तब तक बहुत देर हो चुकी थी। राजनीति के इस दांव-पेंच में निकाल फेंके गए मुन्ना बजरंगी ने बृजेश के आका रहे माफिया डॉन सुभाष ठाकुर का दामन पकड़ लिया है। मुन्ना बजरंगी भी जौनपुर से चुनाव लडऩे की तैयारियों में जुटा है। हालांकि अपने साले की हत्या से उसकी तैयारियों को काफी झटका लगा है। पूर्वांचल के एक अन्य बाहुबली जनप्रतिनिधि ने भी जातीय समीकरण फिट करने के लिए सुभाष ठाकुर की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाया है ताकि संरक्षण के साथ ही एक बड़ा वोट बैंक सुरक्षित रहे। 

Show More
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned