बीएचयू ब्लास्ट: सुरक्षा को लेकर होती रही है हीलाहवाली

बीएचयू ब्लास्ट: सुरक्षा को लेकर होती रही है हीलाहवाली
bhu security hole

अस्पताल में धमाके के बाद सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर फिर उठने लगे हैं सवाल

वाराणसी . बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में सर सुंदरलाल चिकित्सालय के इमरजेंसी वार्ड में हुए धमाके के बाद से बीएचयू की सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सुरक्षा-व्यवस्था के नाम पर बीएचयू प्रबंधन लगभग सालाना एक करोड़ से अधिक खर्च  करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बीएचयू के प्रति आत्मीयता दिखाने के बाद परिसर की संवेदनशीलता बढ़ गई है। देश की प्रमुख सुरक्षा एजेंसियां इसके लिए पहले ही चेतावनी जारी कर चुकी थीं। इसके बाद भी सुरक्षा को लेकर बीएचयू प्रबंधन ने सक्रियता नहीं दिखाई जिसके चलते ऐसी घटना हुई। 
जानकारी के अनुसार बीएचयू प्रबंधन के पास वर्तमान में 720 सुरक्षाकर्मी मौजूद हैं। इनमें से अधिकतर पूर्व सैनिक हैं जबकि अन्य को बीएचयू प्रबंधन ने सीधे भर्ती किया है। इनमें से अधिकतर की उम्र ऐसी हैं कि कुछ मीटर दौडऩे के बाद हांफने लगते हैं। बीते साल परिसर में कई अराजक गतिविधियां हुईं लेकिन बीएचयू का सुरक्षा तंत्र उन्हें काबू करने में नाकाम रहा था। ऐसे में बीएचयू की सुरक्षा-व्यवस्था पर सवाल उठने लाजिमी हैं कि आखिर बीएचयू प्रबंधन इस तरह की लापरवाही क्यों बरतते आया अब तक। इमरजेंसी वार्ड में हुए धमाके के बाद बीएचयू प्रबंधन को परिसर की सुरक्षा-व्यवस्था का ख्याल आया। हालांकि बीएचयू प्रबंधन का कहना बीते एक वर्ष से परिसर की सुरक्षा के बाबत पैरा मिलिट्री फोर्स की मांग कर रहा है। हादसे बाद कुलपति ने कहा कि बिहार के एक सेवानिवृत्त अधिकारी के साथ मिलकर बीएचयू की सुरक्षा प्लान तैयार कराया जाएगा। 
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