बचके रहना बनारस के इस भोगी बाबा से

बचके रहना बनारस के इस भोगी बाबा से
lalita ghat varanasi

लौट आया गेरुआ वस्त्रधारी से पोर्न मूवी बनवाने वाला ढोंगी बाबाघाट किनारे धूनी रमाए अधिकतर योगी भोगी बनकर घूम रहे

वाराणसी. काशी में बहुत पुरानी कहावत है राड़-साड़-सीढ़ी-सन्यासी इनसे बचे त सेवै काशी। काशी में इन दिनों योगी के वेश में भोगी घूम रहे हैं। हम आज आपको ऐसे ही एक बाबा के कारनामे बता रहे है जो कई दिनों तक गायब रहने के बाद अचानक फिर काशी की धरती पर लौट आया। ललिता घाट पर रामायणी बाबा ने धूनी रमा रखी है। ये वहीं बाबा है जिनके यहां कश खींचने के बाद एक विदेशी महिला और गेरूआ वस्त्रधारी ने गंगा की लहरों पर नाव में पोर्न मूवी बनाई थी।
 
बालों व पीठ पर फेर रहा था हाथ
 
ललिता घाट पर धूनी रमाए रामायणी बाबा की पड़ताल करने पत्रिका टीम शनिवार को पहुंची तो वहां का नजारा कुछ अलग था। रामायणी बाबा का एक चेला ललिता घाट पर दक्षिण भारत व महाराष्ट्र से आए श्रद्धालुओं को उनके चमत्कार बता रहा था कि कैसे बाबा दुखों को पल भर में दूर कर देते हैं। बाबा प्रसन्न हो गए तो सारे बिगड़े काम बन जाएंगे। बाबा के चेले से उनका चमत्कार के झूठे बखान में फंसे श्रद्धालु एक-एककर बाबा के चरणों में गिरने लगे। किसी की पीठ पर बाबा का हाथ आशीर्वाद के रूप में पड़ा तो किसी को बालों पर हाथ फेर रहे भोगी रामायणी बाबा की दक्षिणा पेटी मिनटों में भर गई। कुछ किशोरियों को बाबा इस तरह से बालों में हाथ फेरना व पीठ सहलाना अच्छा नहीं लग रहा था लेकिन वे अपने परिजनों के अंधविश्वास के आगे खामोश थीं।

असलियत जान भाग खड़े हुए दक्षिण भारतीय

मन में वासना की आग लिए योगी के भेष में भोगी बनकर बैठे रामायणी बाबा की असलियत जब पत्रिका टीम ने एक श्रद्धालु को बताई तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। बाबा से आशीर्वाद लेने बढ़ रही घर की महिलाओं को तत्काल रोकने के बाद दक्षिण भारत से आए व्यंकटेश ने ढोंगी बाबा की कहानी सुनाई। बाबा विश्वनाथ की नगरी में ऐसे भोगी भी योगी के वेश में होंगे, उन्होंने सोचा नहीं था। व्यंकटेश की मां ने पत्रिका के रिपोर्टर को धन्यवाद देते हुए बताया कि वह तो उस बाबा को अपनी सोने की चेन चढ़ाने जा रही थीं। 

नशेे की चाह में फंसते हैं विदेशी 

राजघाट से लेकर अस्सी तक रामायणी बाबा जैसे कम से कम दो दर्जन बाबा योगी के वेश में धूनी रमाकर गंगा की गोद में अश्लीलता फैला रहे हैं। बाबा के मायाजाल की कहानी सुनकर आप भी दंग रह जाएंगे। मणिकर्णिका क्षेत्र निवासी विजय पांडेय जिनका  बचपन इन्हीं घाट किनारे गुजरा, ने इन भोगी बाबाओं के किस्से बताए कि कैसे ये नशे की आड़ में सेक्स का धंधा चला रहे हैं।
दरअसल, बनारस में अधिकतर विदेशी नशे की तलाश में आते हैं। सुबह से लेकर देर रात तक यह घाट-घाट घूमते हैं। इनसे टकराते हैं सबसे पहले घाट किनारे घूमने वाले अवैध गाइड और नाविक। अवैध गाइड और कुछ गलत धंधे से जुड़े नाविकों का अड्डा होता है नशेड़ी व भोगी बाबाओं का ठीहा। अवैध गाइड के संपर्क में आने के बाद विदेशी ्रनशे के लिए पहुंचते हैं बाबा के ठीहा पर। यहीं से शुरू होता है जिस्मफरोशी व नशे का खेल। चरस-गांजा से लेकर भांग-मदिरा सबकुछ इन्हें यहां मिल जाता है। नशे में विदेशी इस कदर मदमस्त हो जाते हैं कि इन्हें फिर कुछ नहीं सूझता। इस दौरान बाबा विदेशी युवक-युवतियों को तरकीब से ऐसा जादू दिखाते हैं कि विदेशियों के लिए वह बाबा चमत्कारी बाबा हो जाता है। नशा और अंधविश्वास पर विश्वास होने के बाद भोगी बाबा अपना आसन जमाते हैं। आशीर्वाद देने के नाम पर भोगी बाबा विदेशी युवतियों के साथ संभोग करते हैं। 

ऊंचे दामों पर बिकते हैं इनके वीडियो क्लिप

सूत्रों के अनुसार भोगी बाबा के इशारे पर उनके चेले विदेशी युुवतियों के साथ संभोग के दौरान वीडियो बना लेते हैं। बाद में इन्हें पोर्न के बाजार में बेच दिया जाता है। गेरूआ वस्त्रधारी बाबा और विदेशी का पोर्न वीडियो की कीमत अच्छी-खासी मिल जाती है। बीते दिनों जापानी युवती व गेरूआ वस्त्रधारी की गंगा में नाव पर बनी पोर्न मूवी भी बाजार में ऊंचे दाम पर बेची गई थी।  
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