scriptBetter performance of daughters is a reflection of developed India President Draupadi Murmu | बेटियों के बेहतर प्रदर्शन में विकसित भारत और बेहतर समाज की झलक दिखाई देती है: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू | Patrika News

बेटियों के बेहतर प्रदर्शन में विकसित भारत और बेहतर समाज की झलक दिखाई देती है: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

locationवाराणसीPublished: Dec 11, 2023 08:27:09 pm

Submitted by:

SAIYED FAIZ

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के 45वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंची राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बेटियों की सफलता को सराहा। उन्होंने छात्राओं जिन्हे गोल्ड मेडल मिला उन्हें बेहतर समाज और विकसित भारत की झलक बताया।

Varanasi President of INDIA News
बेटियों के बेहतर प्रदर्शन में विकसित भारत और बेहतर समाज की झलक दिखाई देती है
वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ का 45वां दीक्षांत राष्ट्रपति की उपस्थिति में सोमवार को संपन्न हुआ। पहली बार किसी स्टेट यूनिवर्सिटी में राष्ट्रपति ने शिरकत की और मेधावियों को पदक और डिग्री दी। इस वर्ष विद्यापीठ के 65 संकायों में से 51 में छात्राओं में गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया। सिर्फ 14 संकायों में छात्रों को गोल्ड मेडल मिला। ऐसे में अपने उद्बोधन में राष्ट्रपति ने इस बात को सराहा और कहा कि बेटियों के बेहतर प्रदर्शन में विकसित भारत और बेहतर समाज की झलक दिखाई देती है। उन्होंने मंच पर 15 मेधावियों को पदक पहनाया और डिग्री दी। इस दौरान भी 11 छात्राओं को देख कर वो प्रसन्न हुईं और सभी को शाबाशी दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
काशी विद्वत परिषद् के इतिहास और महत्त्व से प्रेरणा लेने की दी सलाह

राष्ट्रपति ने अपने उद्बोधन में कहा कि 'आज से लगभग 1300 वर्ष पहले जगत गुरु आदि शंकराचार्य अद्वैत दर्शन को व्यापक लोक स्वीकृति तभी प्राप्त हुई जब काशी में आकर उन्होंने यहां के विद्वानों के साथ शास्त्रार्थ करके अद्वैत दर्शन की प्रामणिकता को सिद्ध किया।' उन्होंने कहा कि 'आज से लगभग 250 वर्ष पहले यहां काशी विद्वत परिषद् की स्थापना की गयी थी। यह परिषद् निरंतर सक्रिय रही है। संस्कृत भाषा में रचित किसी भी शास्त्र के विषय में इस परिषद् का निर्णय सर्वमान्य होता है। ऐसे प्रामणिक ज्ञान-केंद्र की परंपरा के अनुरूप इस विद्यापीठ के आचार्यों और विद्यार्थियों को भी अपने संस्थान के गौरव को निरंतर समृद्ध करते रहना है।'
बेटियों के बेहतर प्रदर्शन में विकसित भारत की झलक

काशी विद्यापीठ के 45वें दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति ने अपने उद्बोधन में कहा कि 'मुझे बहुत प्रसन्नता हुई कि आज स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले कुल मेधावियों में 78 प्रतिशत सहभागिता छात्राओं की है। वहीं स्नातक में 57 प्रतिशत और स्नातकोत्तर में 68 प्रतिष छात्राओं को डिग्री मिली है। मंच पर भी 15 मेडल धारकों में से 11 छात्राएं हैं। यह देख मन प्रफुल्लित हुआ है। इससे मै यह कह सकती हूं कि उच्च शिक्षण संस्थान में बेटियों के बेहतर प्रदर्शन में विकसित भारत और बेहतर समाज की झलक दिखाई देती है।'
भारत को विकसित देश बनाने में विद्यापीठ करेगा अहम योगदान

राष्ट्रपति ने अपने सम्बोधन के अंत में कहा कि 'मुझे विश्वास यही कि साल 2047 तक भारत को विकसित देश के रूप में स्थापित करने के राष्ट्रीय संकल्प को सिद्ध करने में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के विद्यार्थियों और आचार्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा।

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