यूपी CM के लिए भाजपा ने इन चार चेहरों को बुलाया, तीन पूर्वांचल के

यूपी CM के लिए भाजपा ने इन चार चेहरों को बुलाया, तीन पूर्वांचल के
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पूर्वांचल के नेता सीएम की रेस में सबसे आगे

वाराणसी. यूपी में भाजपा को मिली बंपर जीत के बाद अब बारी मुख्यमंत्री के चयन की है। भाजपा पर चुनाव से पहले सीएम चेहरा घोषित न करने की वजह से विपक्ष भाजपा में काबिल चेहरा न होने का आरोप लगा था। पर पार्टी ने पीएम मोदी के विकास को आगे कर चुनाव लड़ा और भाजपा को प्रदेश में ऐतिहासित जीत मिली। पार्टी इस बात को जान रही थी कि अगर चुनाव से पहले किसी नाम का ऐलान सीएम के लिए किया गया तो पार्टी को नुकसान उठाना पड़ सकता है और खेमेबंदी से बड़ा नुकसान हो सकता है। ऐसे में भाजपा ने मोदी के चेहरे को आगे किया और जनता ने पीएम को ही नेता मानते हुए यूपी की सत्ता भाजपा को दे दी। अब बारी मुख्यमंत्री की है जिसके लिए आज भाजपा का मंथन होना है।

दिल्ली बुलाये गये चार नाम में से तीन पूर्वांचल के 
भाजपा ने मुखयमंत्री पद के मंथन के लिए आज चार नाम बुलाये हैं जिसमें से तीन लोग पूर्वांचल के हैं जिनके साथ बैठकर अमित शाह और पार्टी पार्टी के नेता यूपी के मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगायेंगे। जो नाम बुलाये गये हैं उसमें पूर्वांचल के गाजीपुर से सांसद और रेलराज्यमंत्री मनोज सिंन्हा, गोरखपुर से सांसद और भाजपा के फायर ब्रांड नेता सांसद योगी आदित्यनाथ, इलाहाबाद के फूलपुर से सांसद और यूपी बीजेपी के अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य का नाम है। हालांकि पार्टी ने भाजपा के उपाध्यक्ष और लखनऊ के मेयर दिनेश शर्मा को भी बुलाया है। माना जा रहा है कि इन्ही चार नामों में से  किसी एक को पार्टी सीएम बनायेगी।

2001 के बाद पूर्वांचल चेहरे को नहीं मिली कमान
2001 में राजनाथ सिंह की सरकार जाने के बाद प्रदेश में मुलायम सिंह यादव और मायावती की सपा बसपा के शासन में लगातार पूर्वांचल की राजनीतिक पकड़ कमजोर होती गई। मुलायम सिंह यादव इटावां तो मायावती गौतमबुद्दनगर इलाके से यूपी की सत्ता पर तकरीबन दो दशक से काबिज थे। पूर्वांचल के कई दिग्गज सपा-बसपा को जीत तो देते रहे पर इनका प्रभाव सत्ता के गलियारे में उतना नहीं था जितना पूर्वांचल के लोग चाहते थे। इस वजह से यहां का विकास भी पिछड़ता रहा। इस बार समीकरण इस तरफ इशारा कर रहे हैं कि मनोज सिंन्हा सहित इन्ही तीन नाम में से किसी को कमान मिल सकती है।             

पीएम ने मऊ रैली में मंच से किया ता इशारा
प्रधानमंत्री मोदी ने मऊ में परिवर्तन रैली के मंच से पूर्वांचल के पिछड़ेपन का आरोप सपा-बसपा पर लगाते हुए कहा था कि हम पूर्वांचल का विकास पश्चिम की तरह करना चाहते हैं। मोदी ने सांसद विश्वनाथ सिंह गहमरी और पूर्वांचल की गरीबी का जिक्र करते हुए मंच से बोला था कि हम यहां कि गरीबी के लिए बड़ा बदलाव करना चाहते हैं। ऐसे में ये माना जा रहा है कि पूर्वांचल का कोई चेहरा यूपी की कमान संभालेगा। 

पूर्वांचल के चेहरे से बिहार के समीकरण को भी साधेगी भाजपा
भाजपा सूत्रों की मानें तो पूर्वांचल के ही किसी चेहरे को सीएम बनाया जाना लगभग तय है। भाजपा का मानना है कि पूर्वांचल के अगर किसी नेता के हाथ में सीएम की कमान दी जाये तो उसका असर बिहार की राजनीति पर भी होगा। ऐसे में भाजपा बिहार में कमल खिलाने के लिए और नीतीश को कमजोर करने लिए पूर्वांचल से किसी बड़े चेहरे को ही लायेगी।

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