सहारनपुर हिंसा के बाद दलितों का सबसे चर्चित नेता बना चंद्रशेखर, अब दिल्ली से देगा चुनौती

सहारनपुर हिंसा के बाद दलितों का सबसे चर्चित नेता बना चंद्रशेखर, अब दिल्ली से देगा चुनौती
Chandrashekhar

सहारनपुर हिंसा के बाद सवालों के घेरे मे, चंद्रशेखर ने दिल्ली से जंग शुरू करने का ऐलान

वाराणसी. यूपी के सहारनपुर में हुई हिंसा के बाद भीम सेना चर्चा में हैं और उससे ज्यादा चर्चा हो रही है भीम सेना की कमान संभालने वाले युवा चंद्रशेखर की। युवा चंद्रशेखर को दलित आज अपना हीरो तक मानने लगे है। वहीं यूपी का रहने वाला यह शख्स सहारनपुर हिंसा के बाद सवालों के घेरे में भी है, लेकिन वह अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज कर रहा है। हाल ही में जातीय उत्पीड़न के खिलाफ अध्यक्ष ने दिल्ली से जंग शुरू करने का ऐलान किया है। पूर्वांचल के बलिया, गोरखपुर और आजमगढ़ में दलित इनके समर्थन में जुटने लगे हैं और इनके समर्थन में कई संगठन खुलकर सामने आ गये हैं।


चंद्रशेखर के अनुसार हमारे समाज ने दलितों को बार- बार दबाने का प्रयास किया है, इसी को लेकर भीम सेना का गठन किया गया है, ताकि अब दलित भी अपनी बातों को मजबूती से रख सकेंगे। भीम सेना के अध्यक्ष चंद्रशेखर की उम्र करीब 30 साल है और उनका दावा है कि यूपी सहित देश के सात राज्यों में उनकी ‘भीम सेना’ के 40 हजार से ज्यादा सक्रिय सदस्य हैं. जो इस निचले तबके की आवाज उठा रहे हैं।

प्रारंभिक शिक्षा के बाद जब वह सहारनपुर के एएचपी कॉलेज से आगे की शिक्षा ली।  एएचपी कॉलेज में राजपूतों का दबदबा था । यहां दलित छात्रों की सीट अलग थी और पानी पीने का नल भी अलग था ।  चंद्रशेखर ने ठाकुरों के सामने झुकने से इंकार कर दिया। जिसका परिणाम यह हुआ कि रोज़-रोज़ मारपीट होने लगी। इस घटना में चंद्रशेखर  हीरो बनकर उभरे और दलित नौजवानों की हिम्मत बढ़ने लगी. और कॉलेज से राजपूतों का वर्चस्व ख़त्म हो गया। यहीं से चंद्रशेखर दलितों के लिए आदर्श बनते चले गये।

सहारनपुर हिंसा के बाद आया चर्चा में
सहारनपुर हिंसा के बाद भीम सेना और चंद्रशेखर लोगों के निशाने पर हैं। बता दें कि सहारनपुर में एक ठाकुर की हत्या और उसके बाद दलितों के 25 घरों को जलाने के बाद हिंसा भड़की थी और भीम सेना पर हिंसा फैलाने का आरोप लगा था।

वहीं चंद्रशेखर इन आरोपों को खारिज करते हुए बताते हैं कि इसमें उनका कोई हाथ नहीं है।  चंद्रशेखर का कहना कि उनका और उनकी संस्था का मकसद है कि उनके समाज के लोग पढ़-लिख कर आगे बढ़ें ।

क्या है भीम आर्मी

‘भीम आर्मी’ दलितों पर होने वाली हिंसा को रोकने और हिंसा करने वालों को जवाब देने के लिए बनाया गया एक संगठन है।  ‘भीम आर्मी’ का संस्थापक एक दलित चिंतक सतीश कुमार को बताया जाता है। कहा जाता है कि सतीश कुमार पिछले 10 साल से ‘शिव सेना’ जैसे किसी संगठन को बनाने की फ़िराक में थे, जो दलितों का उत्पीड़न करने वालों को उन्हीं की भाषा में जवाब दे सके। मगर उन्हें कोई ऐसा क़ाबिल दलित युवा नहीं मिल रहा था, जो इसकी कमान संभाल सके, बाद में चंद्रशेखर के सामने आने के बाद उन्हें इसकी कमान दी गई।

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