पूर्वाचंल सहित उत्तर भा़रत के मरीजों को मिली बड़ी सौगात, BHU के नेत्र विभाग को मिला क्षेत्रीय नेत्र संस्थान का दर्जा

पूर्वाचंल सहित उत्तर भा़रत के मरीजों को मिली बड़ी सौगात, BHU के नेत्र विभाग को मिला क्षेत्रीय नेत्र संस्थान का दर्जा

Ajay Chaturvedi | Publish: Sep, 08 2018 11:14:17 PM (IST) | Updated: Sep, 08 2018 11:14:18 PM (IST) Varanasi, Uttar Pradesh, India

अस्पताल के इमरजेंसी और ओपीडी में बनेगा ऑनलाइन डिजिटल काउंटर, मरीज अपनी समस्या से जुड़ा वीडियो बनाकर दे सकेंगे।

वाराणसी. पूर्वाचंल ही नहीं उत्तर भारत की जनता के समुचित इलाज की दिशा में बीएचयू के सरसुदर लाल चिकित्सायलय ने एक और कदम बढड़ा दिया है। इस असप्ताल के नेत्र रोग विभाग का स्तरोन्नयन किया गया है। इसे अब क्षेत्रीय नेत्र संस्थान का दर्जा हासिल हो गया है।शुक्रवार की रात्रि में इसकी जानकारी केंद्र सरकार से मिली। यह जानकारी अस्पातल के एमएस प्रो वीएन मिश्र ने शनिवार को दी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने नेत्र विभाग के लिए 38.58 करोड़ रूपये की धनराशि स्वीकृत कर दी हैं। इस धनराशि का उपयोग संस्थान के विकास में होगा। विभाग में आधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी साथ ही ऑपरेशन के इक्यूपमेंट खरीदें जाएंगे। बताया कि इस क्षेत्रीय नेत्र संस्थान के मार्फत न केवल पूर्वांचल बल्कि उत्तराखंड, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, नेपाल और यूपी के नेत्र रोगियों का बेहतर इलाज संभव हो पाएगा। उन्हें दिल्ली, मुंबई, चेन्नई का चक्कर नहीं काटना होगा।

प्रो. मिश्र ने बताया कि अस्पताल में इमरजेंसी और ओपीडी में ऑनलाइन डिजिटल काउंटर भी बनाया जाएगा ताकि मरीज अपनी शिकायत का वीडियो बनाकर दे सकते हैं। हर तरह की समस्या के समाधान के लिए क्विक एक्शन टीम भी बनाई गई हैं। प्रयास चल रहा हैं कि चिकित्सालय में दिसंबर से सामान्य रोगियों को भी निःशुल्क जेनरिक दवाएं प्रदान की जायं। एक सवाल के जबाब में उन्होंने बताया चिकित्सालय के प्रति आम जनमानस में बढ़ते विश्वास का ही परिणाम है कि वर्तमान में औसतन पांच हजार मरीज़ प्रतिदिन बहिरंग विभाग में आ रहे हैं।
चिकित्सा अधीक्षक प्रो. मिश्र ने बताया कि बरकछा, मिर्जापुर स्थित विश्वविद्यालय के राजीव गांधी दक्षिणी परिसर के स्वास्थ्य केंद्र में विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों के साथ आम जनता को भी बहिरंग विभाग (ओपीडी) की तरह चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा उपलब्ध होगी। केंद्र में मेडिसिन, आयुर्वेद, दंत चिकित्सा, नेचुरोपैथी की ओपीडी के अलावा एक्स-रे, सीसीआई में होने वाली रक्त संबंधित सभी जांच की सुविधा, गंभीर रोगियों को सर सुंदर लाल चिकित्सालय तक लाने के लिए आईसीयू एंबुलेंस की सुविधा भी मिल पाएगी।

उन्होंने बताया इस क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या सांप काटने तथा बारिश के दौरान बिजली गिरने से झुलसे लोगों का नि:शुल्क इलाज होगा। दक्षिणी परिसर में 500 बिस्तरों का एक चिकित्सालय प्रारम्भ किया जाना है। इस चिकित्सालय के 100 बिस्तरों पर नेचुरोपैथी विधि से रोगियों का इलाज किए जाने का भी प्रस्ताव हैं। इसके लिए डीपीआर बन चुका हैं। उन्होंने बताया कि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के राजीव गांधी दक्षिणी परिसर बरकछा स्थित स्वास्थ्य केन्द्र में बने लेक्चर थिएटर का उद्घाटन रविवार को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल करेंगी।

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