BHU Hospital: हमलावर छात्र गिरफ्तार, निलंबित फिर भी डॉक्टरों की हड़ताल चौथे दिन भी जारी, अब उठाई ये मांग

BHU Hospital के जूनियर डॉक्टर की पिटाई के बाद से हड़ताल पर हैं रेजिडेंट्स
अस्पताल की चिकित्सा सेवा बुरी तरह से है प्रभावित
जूनियर डॉक्टरों की हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग हुई पूरी, 3 गिरफ्तार
गिरफ्तार हमलावरों में एक बीएचयू का पूर्व तो दो वर्मान छात्र

By: Ajay Chaturvedi

Updated: 07 Nov 2019, 03:34 PM IST

वाराणसी. BHU Hospital के जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल गुरुवार को चौथे दिन भी जारी है। हालांकि हड़ताली डॉक्टरों की हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग पूरी हो चुकी है। लंका पुलिस ने बुधवार देर रात ही तीन युवकों को गिरफ्तार कर लिया। इसमें एक पूर्व तो दो बीएचयू के वर्तमान छात्र हैं। बावजूद इसके जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर हैं।

बता दें कि अब तक जूनियर डॉक्टर उन पर हमला करने वाले युवकों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि जब तक हमलावरों को गिरफ्तार नहीं किया जाता कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। इसे लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन भी पुलिस पर लगातार दबाव बनाए था। पुलिस ने मंगलवार की शाम ही बीएचयू के अधिकारियों को बताया था कि हमलावरों की पहचान कर ली गई है बहुत जल्द गिरफ्तारी भी हो जाएगी। बुधवार देर रात पुलिस ने तीन युवकों को गिरफ्तार भी कर लिया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों वर्तमान छात्रों को निलंबित भी कर दिया है। इस मामले की जांच के लिए जांच समिति भी गठित कर दी गई है। विश्वविद्यालय के पीआरओ डॉ.राजेश सिंह के अनुसार गिरफ्तार प्रेम आनंद एमए दर्शन और राहुल कुमार राय शांति शोध केंद्र का छात्र है। क्षितिज कुमार विश्वविद्यालय का पूर्व छात्र हैं।

लेकिन हमलावरों की गिरफ्तारी के बाद जब ये उम्मीद की जाने लगी थी कि गुरुवार से अस्पातल में सुचारु रूप से चिकित्सा सेवा बहाल हो जाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब हड़ताली जूनियर डॉक्टर अपनी सुरक्षा के मुक्कम इंतजाम की मांग करने लगे हैं। उनका कहना है कि पहले अस्पताल परिसर में सुरक्षा बढ़ाई जाए ताकि दोबारा इस तरह की घटना न हो। इसके तहत प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी लगाने की मांग की है।

ऐसे में डॉक्टरों के हड़ताल पर अड़े रहने के कारण लगातार चौथे दिन भी चिकित्सा सेवा बहाल नहीं हो सकी। मरीज और तीमारदार दर दर भटकते रहे।

बता दें कि गत 30 अक्टूबर को सीसीयू में बेड देने को लेकर एक मरीज के परिजनों से विवाद हुआ था। इसके बाद मरीज के परिजनों ने फोन कर रेजीडेंट डाक्टर डॉ विकास कुमार मौर्य को धमकी दी थी। फिर 3 नवंबर को डॉ विकास कुमार जब अपने साथी के साथ स्पेशल वार्ड की ओर जा रहे थे, तभी दो बाइक पर सवार पांच लोगों ने उन पर हमला कर दिया। इस घटना के विरोध में रेजीडेंट डाक्टर 4 नवंबर से हड़ताल पर हैं।

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