बढ़ता जा रहा बीएचयू के चंद छात्रों का उत्पात, हो सकता है टकराव

बढ़ता जा रहा बीएचयू के चंद छात्रों का उत्पात, हो सकता है टकराव
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मुफ्त की चाय-सिगरेट के लिए दुकानदारों से मारपीट, बढ़ रहा आक्रोश

वाराणसी. महामना की बगिया के कुछ फूल दुर्गंध फैला रहे हैं। परिसर में शिक्षा ग्रहण करने आए कुछ मु_ी भर छात्र ऐसी हरकतें कर रहे हैं जिससे बीएचयू की छवि तो खराब हो ही रही है बनारस शहर की फिजां भी बिगड़ सकती है। चार दिन पूर्व ही लंका क्षेत्र के एक दवा कारोबारी के कर्मचारी संग छात्रों ने छिनैती और मारपीट की थी। अब मुफ्त की चाय-सिगरेट के लिए दुकानदारों से मारपीट कर बैठे। यदि वाराणसी पुलिस, जिला प्रशासन और बीएचयू प्रशासनिक अधिकारियों ने इसका समाधान नहीं निकाला तो कभी भी दुकानदारों व छात्रों के बीच संघर्ष हो सकता है। 

बीएचयू के सिंहद्वार के सामने काशी के पुराने बाजारों में से एक लंका है। छात्र के लिए इस बाजार में उनकी जरूरत की हर चीजें उपलब्ध है। सर सुंदरलाल चिकित्सालय व ट्रामा सेंटर भी इसी इलाके में होने के कारण दवा का बनारस में बड़ा बाजार भी है। बीएचयू के हॉस्टल में रहने वाले छात्र रात को बाजार में खाने-पीने आते हैं। इनमें से कुछ अराजक किस्म के छात्र अक्सर मुफ्त का खाने पीने के चक्कर में दुकानदारों से मारपीट करते हैं। कुछ छात्र तो दबंगई के बल पर दुकानदारों से रुपये भी वसूलते हैं। 

बीएचयू के छात्रों के एक गुट ने बुधवार रात लंका क्षेत्र में एक दुकानदार के यहां चाय और सिगरेट पी। दुकानदार ने जब रुपये मांगे तो छात्र भड़क गए और विवाद इस कदर बढ़ा कि मारपीट हो गई। आसपास के दुकानदार जुटे तो छात्र खिसक लिए लेकिन थोड़ी देर बाद परिसर से दर्जनों छात्र हाकी-डंडे से लैस होकर बाजार में लौटे। रोज-रोज के किचकिच से आजिज दुकानदारों ने भी ऐसे छात्रों को सबक सिखाने का मूड बना लिया था। छात्रों और दुकानदारों की भिड़ंत से पहले ही फिल्मी स्टाइल में लंका पुलिस पहुंची और किसी तरह मामले को शांत कराया। 

छात्र परिसर में प्रवेश करने से पहले दुकानदों को चेतावनी दिए कि दोबारा आएंगे, उधर बीएचयू के कुछ छात्रों की बेजा हरकत से आजिज दुकानदार भी लामबंद हो रहे हैं। मामला बढऩे से पहले ही बीएचयू प्रशासन ने ऐसे छात्रों पर लगाम नहीं कसी तो भविष्य में बवाल तय है। 
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