23 सितंबर की घटना के विरोध में BHU की छात्राएं मिलीं जिले के आला अफसरों से दर्ज कराया विरोध

23 सितंबर की घटना के विरोध में BHU की छात्राएं मिलीं जिले के आला अफसरों से दर्ज कराया विरोध
23 सितंबर की घटना पर विरोध दर्ज करातीं बीएचयू की छात्राएं

Ajay Chaturvedi | Publish: Oct, 01 2018 08:21:40 PM (IST) | Updated: Oct, 01 2018 08:21:41 PM (IST) Varanasi, Uttar Pradesh, India

BHU परिसर में 23 सितंबर को नारीवादी विमर्श को लेकर आयोजित था सांस्कृतिक कार्यक्रम जिस पर हुआ था हमला.

वाराणसी. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में गत 23 सितंबर को छात्राओं द्वारा नारीवादी विमर्श पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान छात्राओं पर हुए हमले और बदसलूकी के विरोध में छात्राओं ने फिर से मोर्चा खोला है। वो इस मुद्दे पर सोमवार को डीएम सुरेंद्र सिंह और एसपी सिटी से मिलीं और उस घटना पर विरोध जताया। साथ ही ज्ञापन सौंपा।

नागरिक समाज के बैनर तले बीएचयू की छात्राओं का प्रतिनिधिमंडल सोवार को जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व पुलिस अधीक्षक (शहर) से मिला। छात्राओं ने 23 सितंबर को काशी हिंदू विश्वविद्यालय में हुई मारपीट एवं छात्राओं से दुर्वव्याहर को लेकर अपना ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से छात्राओं ने विश्वविद्यालय के शिक्षक अधिकारियो सहित प्रशासन की भूमिका को संदिग्ध बतलाया है। कहा है कि आए दिन परिसर में बवाल हो रहा है और वे छात्र जो प्रायः हर झगड़े में देखे जाते है उनपर अनुशासनात्मक कार्रवाई न करके प्रशासन कंही न कंही ऐसी कुप्रवृत्तियों को बढ़ावा दे रहा है।

उन्होंने कहा है कि 23 सितंबर की घटना में भी प्राक्टोरियल बोर्ड की मौजूदगी में हिंसा होती रही मगर वे चुपचाप देखते रहे। प्रतिनिधि मंडल ने घटना से जुड़े साक्ष्य भी जिला प्रशासन को उपलब्ध कराया है तथा उपद्रवी छात्रों पर जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की है।

बता दें कि गत 23 सितम्बर 18 को छात्र छात्राओं के एक समूह ने नारीवादी विमर्श को लेकर बीएचयू परिसर में नुक्कड़ नाटक, कविता और गीत आदि का कार्यक्रम रखा था। इस कार्यक्रम में कुछ उपद्रवी छात्रों के समूह ने न केवल बाधा पंहुचाई थी बल्कि गाली गलौज और छात्र छात्राओं के साथ अभद्रता भी की। कई छात्रों के साथ मारपीट तक की गई। इस मामले में परिसर के छात्र छात्राओं के समूह में आक्रोश व्याप्त है। छात्र-छात्राओं के अनुसार एफआईआर के बावजूद उपद्रवी छात्रों द्वारा सोशल मीडिया से लेकर परिसर में अनाप-शनाप मानहानि की और अपमानसूचक बातचीत जारी है। इस स्थिति में ऐसे छात्रों पर यदि विश्वविद्यालय अनुशासनात्मक कार्रवाई नही करता है और इनके आपराधिक कृत्यों को देखते हुए इन्हें विधि के अंतर्गत अंकुश में नही लाया जाता है तो यह परिसर के पठन पाठन और शांतिपूर्ण माहौल के लिए बुरा साबित होगा।


प्रतिनिधिमंडल में शामिल बीएचयू के छात्र छात्राओ का नेतृत्व कांग्रेस नेता विनय शंकर राय मुन्ना और प्रभास वर्मा ने किया।

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