लोकसभा चुनाव से पहले बिगड़ा बीजेपी का समीकरण, सपा ने इन नेताओं को पार्टी में किया शामिल

लोकसभा चुनाव से पहले बिगड़ा बीजेपी का समीकरण, सपा ने इन नेताओं को पार्टी में किया शामिल

Akhilesh Tripathi | Publish: Jan, 14 2018 07:54:57 PM (IST) Varanasi, Uttar Pradesh, India

पूर्वांचल में बीजेपी को बड़ा झटका, विधानसभा चुनाव में मिला था इस वोट का साथ

वाराणसी. लोकसभा चुनाव से पहले अपने सभी राजनीतिक दल अपने कुनबे को मजबूत करने में जुटे हैं। इसी के क्रम में सभी दलों में जोर आजमाईश जारी है । पिछले दिनों बिंद समाज से जुड़े दो बड़े नेताओं के समाजवादी पार्टी से जुड़ने के बाद पूर्वांचल में बीजेपी को बड़ा झटका लगा है।


बिंद समाज कल्याण संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र बिंद और श्यामलाल बिंद को सपा में शामिल कर अखिलेश यादव ने पूर्वांचल में बीजेपी के वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश की है। पूर्वांचल के भदोही, ज्ञानपुर, जौनपुर, चंदौली और वाराणसी के कई विधानसभा क्षेत्रों में बिंद वोटों की संख्या ज्यादा है। राजेंद्र बिंद जौनपुर जिले के मुंगराबादशाहपुर इलाके से आते हैं, वहीं दूसरे नेता भदोही जिले से आते हैं।

बिंद वोटों की सबसे ज्यादा जनसंख्या मिर्जापुर और गाजीपुर में हैं। पूर्वांचल में लगभग 6 से 7 लाख बिंद हैं, जिनका मुख्य कारोबार खेती है । बिंद जाति में अधिक लोग भूमिहीन हैं, जो दूसरों की जमीन पर खेती करके पेट भरते हैं।

 

पूर्वांचल की 40 सीटों पर असर
पूर्वांचल के वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, बलिया, मिर्जापुर, सोनभद्र, आजमगढ़, मऊ, और भदोही आदि जिलों की करीब 40 सीटों के चुनाव परिणाम पर इन जातियों का असर रहा है। अब तक इन वोटों पर बसपा का प्रभाव रहा है। 2017 विधानसभा चुनाव में भाजपा की सहयोगी दल भासपा के साथ अधिकतर बिंद वोट गये थे। ऐसे में लोकसभा चुनाव से पहले बिंद जाति के दो बड़े नेताओं के सपा में शामिल होने से भाजपा को झटका लगना तय माना जा रहा है।

 

सपा का बढ़ रहा कुनबा
2019 चुनाव से पहले सपा के साथ कई नेता जुड़ रहे हैं। 11 जनवरी को लखनऊ में अखिलेश यादव के सामने बसपा से जुड़े रहे मिर्जापुर के पूर्व सांसद लालचंद्र कोल, कुशीनगर के पूर्व विधायक शंभू चौधरी, पूर्व विधायक नन्द किशोर मिश्र सहित कई नेताओं ने सपा का दामन थामा था ।

Ad Block is Banned