BJP नेताओं ने शुरू की दावेदारी, टिकट लेने वालों की लंबी सूची

BJP नेताओं ने शुरू की दावेदारी, टिकट लेने वालों की लंबी सूची

Devesh Singh | Publish: Oct, 13 2017 08:08:21 PM (IST) Varanasi, Uttar Pradesh, India

सीटवार आरक्षण की सूची जारी होने के बाद से हुए सक्रिय, जानिए क्या है कहानी

वाराणसी. यूपी में नगर निगम चुनाव के लिए सीटवार आरक्षण सूची जारी हो चुकी है। इससे स्पष्ट हो गया है कि किस सीट पर किस जाति का प्रत्याशी चुनाव लड़ेगा। सूची जारी होने के बाद से ही नेताओं की सक्रियता बढ़ गयी है। बीजेपी का टिकट पाने वालों की सबसे लंबी सूची है, ऐसे में नेताओं ने टिकट के लिए दावेदारी करना शुरू कर दिया है।
यह भी पढ़े:-ठेकेदार विशाल सिंह की हत्या भी ऐसे शूटरों ने की, जानिए क्या है कहानी



मेयर के पद पर १९९५ से चुनाव होता है और काशी की बात की जाये तो मेयर के पद पर बीजेपी प्रत्याशी ही जीतता आया है। अभी तक मेयर पद पर आरक्षण की स्थिति पता नहीं थी, जिसके चलते बीजेपी के नेता से लेकर कार्यकर्ता मेयर पद पर चुनाव लडऩे की तैयारी में थे। आरक्षण सूची जारी होने के बाद साफ हो गया कि मेयर पद पर पिछड़ा वर्ग की महिला चुनाव लड़ेगी। इसके बाद से सामान्य वर्ग के प्रत्याशी रेस से बाहर हो गये और पार्टी के पिछड़े वर्ग से जुड़े नेता सक्रिय हो गये हैं। पीएम नरेन्द्र मोदी का संसदीय क्षेत्र होने के चलते काशी में मेयर के साथ सभासद पद बीजेपी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
यह भी पढ़े:-सम्मपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में आंदोलन जारी, कर्मचारियों ने किया जूता पॉलिश

बीजेपी ने किया था पुराने प्रत्याशियों को टिकट नहीं देने का ऐलान
बीजेपी ने पहले ही पुराने प्रत्याशियों को टिकट नहीं देने का ऐलान किया था। इसके बाद वार्ड वार आरक्षण सूची जारी होने से सभी प्रत्याशियों को झटका लग गया है। जिन प्रत्याशियों ने पहले से ही चुनावी माहौल बनाना शुरू कर दिया था और उनके वार्ड का आरक्षण बदल गया है अब उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि क्या किया जाये।
यह भी पढ़े:-Kashi को योजनाओं की सौगात, Smart City से आसान हो जायेगा लोगों का जीवन

सपा व बसपा के बाद आप पर भी लगी निगाहे
सपा व बसपा के बाद लोगों की निगाहे आप पर भी लगी है। सपा तो अपने सिंबल पर नगर निगम चुनाव लड़ती है, अब बसपा भी अपने सिंबल पर चुनाव लडऩे को तैयार है। काशी के संसदीय सीट पर हुए चुनाव के बाद पहली बार आप पार्टी भी नगर निगम चुनाव में भाग्य आजमाना चाहती है देखना यह है कि आरक्षण के नये नियमों के चलते आप कैसे प्रत्याशी का चयन करती है इस पर सबकी निगाहे हैं।
यह भी पढ़े:-कही जरायम की दुनिया से कनेक्शन तो नहीं ठेकेदार विशाल सिंह की मौत का कारण

Ad Block is Banned