बड़ी मुश्किल में भाजपा: सवर्ण और दलित दोनों मतदाता हो रहे भाजपा से दूर! यूं ही रहा तो आसान नहीं 2019

बड़ी मुश्किल में भाजपा: सवर्ण और दलित दोनों मतदाता हो रहे भाजपा से दूर! यूं ही रहा तो आसान नहीं 2019

Ashish Shukla | Publish: Sep, 05 2018 01:31:01 PM (IST) Varanasi, Uttar Pradesh, India

दलित परिवारों के घर पर पोस्टर लगाकर, भीमा कोरेगांव व रोहित वेमुला मुद्दे को हवा देगी बसपा

वाराणसी/ इलाहाबाद. एससी-एसटी एक्ट में संधोधन कर दलित मतदाताओं को लुभाने के लिए भाजपा ने भले ही बड़ा दांव खेला है। लेकिन पहली बार भाजपा बड़ी मुश्किल में पड़ती दिख रही है। एक तरफ जहां 6 सितंबर को इस एक्ट के विरोध में भाजपा सरकार के खिलाफ सवर्णों ने बड़े आंदोलन की तैयारी कर लिया है तो वहीं बसपा के नेता भी हर हाल में दलित मतदाताओं को भाजपा के हाथ में जाने से रोकने के लिए लग गये हैं। ऐसे में अगर ऐसा ही रहा तो बीजेपी दोनों तरफ से घिरेगी।

बतादें कि बसपा अपने इस मूल वोटबैंक को सहेजने के लिए पूरी कोशिश में जुटी है। इसके लिए अपने वोटरों के बीच भाजपा और आरएसएस द्ववारा दलित उत्पीड़न के मुद्दे को फिर से धार देने में जुट गई है। बसपा सुप्रीमों मायावती के निर्देश पर अब कार्य़कर्ता घर-घर जाकर अपने लोगों को ये बात समझायेंगे कि भाजपा के लोग कभी भी तुम्हारे हितैषी नहीं हो सकते। इनके झांसे में न आयें।

जी हां मंगलवार को बसपा की आगामी रणनीति पर पत्रिका से बातचीत करते हुए बसपा जिला कोआर्डिनेटर संदीप कुशवाहा ने कहा कि पार्टी सुप्रीमो के निर्देश पर पार्टी का हर कार्यकर्ता अपने.अपने बूथ पर लगा हुआ है। उन्होने बताया कि बहन जी के निर्देश पर बसपा के लोग डोर-टू डोर जाकर दलित मतदाताओं को भाजपा की हकीकत बतायेंगे। उनसे कहा जायेगा कि कैसे भाजपा के शासन में एक के बाद एक हमले दलितों पर हुए लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने किसी हमले को लेकर कोई कार्रवाई नहीं किया। इन मुद्दों में भीमा कोरेगांव रोहित वेमुला जैसे कांड को प्रमुखता से उठाने की तैयारी है।

पर्ची बंटवायेंगे बसपा के नेता

बसपा के नेता ने बताया कि भाजपा की हकीकत बताने के लिए पार्टी की तरफ से पर्ची छपवाने की तैयारी है जिसमें दलितों पर किये गये अत्याचार का जिक्र किया जायेगा। लोगों से अपील की जायेगी की भाजपा के बहकावे में न आकर अपने भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए बसपा को वोट करें।

दोनों तरफ से घिरती दिख रही भाजपा

जब से भाजपा सरकार ने एससी एससी एक्ट में संशोधन किया है तब से कई राज्यों में भाजपा के सवर्ण वोटर उससे खिसकते दिख रहे हैं। हर जगह प्रदर्शन किये जा रहे हैं। पिछले 35 साल से लगातार भाजपा को वोट देने वाले बड़ी तादात में सवर्ण मतदाता बीजेपी के लिए परेशानी बन ही रहे थे कि अब बसपा ने दलित वोटरों को भाजपा के विरोधी खेमें में लाने के लिए पूरा जोर लगा दिया है। ऐसे में बीजेपी दोनों तरफ से घिरती दिख रही है।

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