विरोधियों से सोशल वॉर को तैयार बीजेपी

विरोधियों से सोशल वॉर को तैयार बीजेपी
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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू, हर जिले में खुलेगा आईटी सेल

वाराणसी. उरी हमले के बाद देश की जनता ने पाकिस्तान के साथ युद्ध के लिए सोशल मीडिया पर जंग छेड़ रखी है तो दूसरी तरफ राजनीतिक उठापटक के बीच भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी है। जनवरी में चुनाव की सुगबुगाहट को देखते हुए बीजेपी ने अपना वॉर रूम तैयार करना शुरू कर दिया है। बीजेपी के इस वॉर रूम के जरिए प्रत्याशियों का चुनाव प्रचार-प्रसार तो होगा ही, केंद्र की महत्वाकांक्षी योजनाओं से भी जनता को रू-ब-रू कराने की तैयारी है।

देश के चुनावी माहौल को हाईटेक रंग में रंगने वाली भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले में आईटी सेल खोलने जा रही है। कई जिलों में आईटी सेल पहले से कार्य कर रही है लेकिन यह सिर्फ राजनीतिक गतिविधियों पर ही नजर रखती है। बीजेपी की इस नई रणनीति के तहत उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले में महानगर व जिला इकाई से अलग एक आईटी सेल का गठन होगा। 

आईटी सेल से प्रत्येक जिले के हर एक विधानसभा से दस से पंद्रह वालंटियर जोड़े जाएंगे। वाराणसी आईटी सेल के प्रभारी मधुकर चित्रांश ने बताया कि आईटी सेल के जरिए हम मतदाताओं तक सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात पहुंचाएंगे। प्रत्येक आईटी सेल को चार से इंटरनेट से लैस पांच कंप्यूटर सिस्टम दिए जाएंगे। 

फेसबुक, वाट्सएप, ट्विटर, इंस्टाग्राम व एप्स के माध्यम से केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी के बाबत पहले कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा और फिर यहीं कार्यकर्ता जनता के बीच जाएंगे और लोगों को सरकार की योजनाओं के बारे में बताएंगे। 

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए उम्मीदवारों के प्रचार-प्रसार, स्थानीय विधानसभा की मूल समस्याओं को उभारेंगे। आईटी सेल के जरिए बीजेपी जनता से सीधे संवाद स्थापित करेगी। आईटी सेल में एक टीम बैठेगी। आईटी सेल के ई-मेल व वाट्सएप नंबर के जरिए जनता अपनी समस्याओं के बारे में बता सकेंगे। चुनाव को देखते हुए बीजेपी का पहला फोकस मतदाता होंगे। आईटी सेल यह भी देखेगी कि किन लोगों के मतदाता पहचान पत्र नहीं बने हैं और पहचान पत्र बनने में क्या समस्या आ रही है। 

केंद्र सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की समस्त जानकारी आईटी सेल के माध्यम से पता किया जा सकता है। योजनओं का लाभ दिलाने पात्र को आईटी सेल की सोशल टीम मदद करेगी। इसके लिए भाजपा कार्यकर्ताओं की सोशल विंग ने आमजन के वाट्स एप नंबर, ई-मेल आदि जुटाने की कवायद भी शुरू कर दी है। 

एक ओर कांग्रेस से जुड़े प्रशांत किशोर तकनीक की मदद से कांग्रेस की डूबी लुटिया को पार कराने की जुगत में है तो दूसरी तरफ बीजेपी भी सोशल मीडिया के जरिए चुनावी बैतरणी पार करने का दावा कर रही है। फिलहाल तो बसपा को छोड़ कर उत्तर प्रदेश में सपा, कांग्रेस और भाजपा तीनों ही प्रमुख राजनीतिक दलों का पूरा जोर सोशल मीडिया के जरिए वोटरों को लुभाने पर है। देखना दिलचस्प होगा कि सोशल मीडिया से चिपके युवाओं को कौन से राजनीतिक दल का हाईटेक प्रचार-प्रसार और वादा पसंद आता है और वो वोट देने मतदान केंद्र पहुंचता है। 
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