चीन तो गंगा नहाकर निकल चुका, आप दिखाएं समझदारी 

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चाइनीज सामानों के बहिष्कार से भारतीयों को ही होगा नुकसान, पढि़ए ये खबर

वाराणसी. कहने में गुरेज नहीं कि उरी हमले के बाद देश में सोशल मीडिया पर जंग को लेकर चले संदेशों का ही दबाव था कि केंद्र सरकार ने सर्जिकल स्ट्राइक के लिए कदम उठाया और भारतीयों के कलेजे को ठंडक पहुंचाई। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद सिंधु, चिनाब का पानी पाकिस्तान को बंद करने की पहल चल रही है। इस बीच खबर आई कि पाकिस्तान के समर्थन में चीन ने ब्रह्मपुत्र की सहायक नदियों का पानी रोक दिया है। आतंकी सईद हाफिज के मामले में भी चीन ने भारत का समर्थन नहीं किया है। 

सोशल मीडिया पर चल रही इन खबरों को आधार मान कर सोशल मीडिया के जंगबाजों ने मुहिम छेड़ रखी है कि इस नवरात्रि, दशहरा पर चायनीज सामानों की खरीदारी न करें। चीन को सबक सिखाना है तो उनके माल का बहिष्कार करें। भारतीय सामान का उपयोग करें। चीन ने अपनी रणनीति बदल ली है अब उनके उत्पाद पर मेड इन चाइना नहीं रिपब्लिक पब्लिक चाइना लिखा आ रहा है। इतना ही नहीं सोशल मीडिया के धुरंधरों ने तो भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक फर्जी पत्र भी चला रखा है जिसमें उन्होंने भारतीयों से चायनीज उत्पादों की खरीदारी न करने की अपील की है। इतना ही नहीं कुछ लोगों ने उत्तर प्रदेश सरकार का आदेश भी जारी कर दिया है कि यूपी सरकार ने चायनीज सामानों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है।

सवाल यह उठता है कि क्या चायनीज भारत में आकर सामान बेच रहे हैं। जवाब ना में ही होगा। चायनीज सामानों के विक्रेता भारतीय कारोबारी ही है। भारत-पाक के बीच तनाव उरी हमले के बाद बढ़ा है और भारतीय कारोबारियों ने नवरात्रि, दीपावली पर सामानों की बिक्री के लिए बीते चार माह पूर्व ही आर्डर कर दिया था और वर्तमान में चायनीज सामान से भारतीय बाजार अटे पड़े हैं। इन सामानों का भुगतान भी चाइना को भारतीय कारोबारी कर चुके हैं। इतना ही नहीं वल्र्ड ट्रेड आर्गनाइजेशन के अनुसार सरकार इस तरह का प्रतिबंध नहीं लगा सकती है। यह अलग बात है कि जनता अपने स्तर से चायनीत सामानों के उत्पाद का बहिष्कार करें। 

अब अगर सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को आधार मानकर आप इस वर्ष पूरी तरीके से चायनीज उत्पादों का विरोध करेंगे तो तय है कि नुकसान भारतीय कारोबारियों को होगा न की चीन को। यह भी सही है कि कई भारतीय कारोबारियों ने अवैध तरीके से नेपाल के रास्ते भारी मात्रा में चीन निर्मित उत्पाद बेचने के लिए मंगाए हैं। सरकार को ऐसे कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। चीन का भारत में तीन हजार करोड़ से अधिक का कारोबार है। सोशल मीडिया पर चायनीज सामानों की खरीदारी न करने की अपील से घबराए कारोबारियों ने भारतीयों से अपील की है कि जब तक सरकार चीन निर्मित उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध न लगाए, सोशल मीडिया के चक्कर में ऐसा कदम न उठाए अन्यथा नुकसान देशवासियों को ही होगा। केंद्र व राज्य सरकारों को चाहिए कि अवैध तरीके से देश में आ रहे चायनीज सामानों पर रोक लगाए। 
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