आजमगढ़ के दंगों से बदल सकती अखिलेश की चुनावी फिजा

आजमगढ़ के दंगों से बदल सकती अखिलेश की चुनावी फिजा
akhilesh- dimple

सपा के घेरने के लिए विपक्षी दलों को मिला मुद्दा, जानिए क्या है योजना

वाराणसी/ आजमगढ़.  सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के संसदीय क्षेत्र में भड़के दंगों का असर विधानसभा चुनाव पर पड़ेगा। सपा को घेरने के लिए विपक्षी दलों को एक और हथियार मिल गया है। 

आजमगढ़ के दंगों ने एक बार फिर सपा सरकार की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिया है। इससे पूर्व मुजफ्फरपुर दंगों के चलते सपा सरकार की काफी किरकिरी हुई थी। संसदीय चुनाव में भी सपा सरकार को जबरदस्त नुकसान उठाना पड़ा था। बीजेपी पहले से ही प्रदेश में मुस्लिम मतों के ध्रुवीकरण में जुटी थी और आजमगढ़ में हो रहे दंगों का लाभ बीजेपी लेने में जुट गयी है।

एआईएमआईएम ने पहले ही लगाया है सपा पर दंगे कराने का आरोप
प्रदेश विधानसभा चुनाव में ताल ठोंकने को बेकरार आईएमआईएम ने पहले ही सपा सरकार पर दंगे कराने का आरोप लगाया हुआ है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली महुली ने दंगों को रिपोर्ट कार्ड जारी किया था, जिसमें सपा सरकार पर 637 दंगे कराने का आरोप लगाया है। आजमगढ़ की घटना के बाद एआईएमआईएम और हमला करने की तैयारी में है।

दलित वोटों का भी होगा नुकसान
आजमगढ़ के दंगों में दलित बस्ती जलायी गयी है। सपा को पहले ही दलितों का वोट बैंक नहीं मिलता है। सरकार ने विकास कार्य करने का दावा किया है, जिसके चलते इस बार भी सपा को विश्वास है कि दलित वोट भी पार्टी को मिलेगा। आजमगढ़ के दंगे सपा के इस मंसूबे पर पानी फेर सकते हैं।

विपक्षी आजमगढ़ के बहाने करेंगे मुलायम सिंह पर हमला
मुलायम सिंह यादव के संसदीय क्षेत्र में दंगे होने का लाभ अब विपक्षी पार्टी नहीं छोडऩे वाली है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्या ने आजमगढ़ जाने का ऐलान किया है। कांग्रेस व बसपा भी वहां जाने की तैयारी में है। कुल मिला कर आजमगढ़ का दंगा एक बार फिर सपा के लिए फजीहत का सबब बनेगा।
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