CBSE के पाठ्यक्रम में अब हेल्थ एंड फिजिकल एजुकेशन

बोर्ड ने जारी किया दिशा निर्देश, वेबसाइट पर किया अपलोड। जानिये क्या होगा इसके तहत।

By: Ajay Chaturvedi

Published: 25 Apr 2018, 07:41 PM IST

वाराणसी. सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों में हेल्थ और फिजिकल एजुकेशन को अनिवार्य कर दिया है। इस विषय की नियमित पढाई होगी। स्कूल स्तर पर इसकी प्रयोगात्मक परीक्षा होगी जिसका पूर्णांक 100 नंबर होगा। प्रयोगात्मक परीक्षा में मिला नंबर विद्यार्थी की मार्कशीट पर अंकित होगी पर इसका प्रभाव विद्यार्थी के रिजल्ट को प्रभावित नहीं करेगा। इस आशय का निर्देश सीबीएसई के चेयरपर्सन अनिता कर्वाल ने 25 अप्रैल को जारी किया है। वाराणसी और चंदौली के कोआर्डिनेटर व सनबीम डॉलिम्स रोहनिया के प्रधानाचार्य वीके मिश्र ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि कक्षा नौ से 12वीं तक इस विषय की एक कक्षा रोज चलेगी। यह पाठ्यक्रम चालू शिक्षा सत्र 2018-19 से लागू हो रहा है। इससे जुड़ी समस्त जानकारी सीबीएसई के वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है।

मिश्र ने नए पाठ्यक्रम की पूरी जानकारी दी। बताया कि सीबीएसई में नौवीं से 12वीं कक्षा तक ऑप्शनल सब्जेक्ट्स के साथ वर्क एजुकेशन भी होता है। यह नया पाठ्यक्रम वर्क एजुकेशन के तहत ही शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के बेहतर स्वास्थ्य से है। कहा कि दरअसल पूर्व में सीबीएसई ने स्कूलों में योगाभ्यास शुरू कराया था, लेकिन उसका विरोध होने लगा था। कई स्कूल प्रशासन ने भी इस पर आपत्ति दर्ज कराई थी। साथ ही राजनीतिक गलियारों में भी इसका जबरदस्त विरोध हुआ था। ऐसे में अब योगाभ्यास की जगह हेल्थ एंड फिजिकल एजुकेशन को अनिवार्य कर दिया गया है। इसके तहत छात्र-छात्राओं को नियमित रूप से योगाभ्यास के अलावा अन्य फिजिकल एक्सरसाइज कराई जाएगी ताकि उनका स्वास्थ्य उत्तम रहे। बताया कि यह कोर्स पूरी तरह से छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य के मद्देनजर इंट्रड्यूज किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हेल्थ एंड फिजिकल एजुकेशन की 100 नंबर की प्रयोगात्मक परीक्षा होगी। यह परीक्षा आंतरिक होगी। इसका नंबर बोर्ड को भेज दिया जाएगा ताकि विद्यार्थी की मार्कशीट पर दर्ज हो सके। लेकिन इससे विद्यार्थी का रिजल्ट प्रभावित नहीं होगा।

Ajay Chaturvedi
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned