scriptChaitra Navratri 2022 Shubh Muhurta Date Kalash Establishment Time | जानें वासंतिक नवरात्र कब से शुरू होगा, कौन होगा नव संवत्सर का राजा और मंत्री, क्या होगा वर्षफल... | Patrika News

जानें वासंतिक नवरात्र कब से शुरू होगा, कौन होगा नव संवत्सर का राजा और मंत्री, क्या होगा वर्षफल...

होली का पर्व बीत गया, चैत्र मास का कृष्ण पक्ष अब पूर्णता की ओर है। चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से आरंभ होगा वासंतिक नवरात्र और उसके साथ ही शुरू होगा नव संवत्सर। इस वासंतिक नवरात्र में नौ गौरियो की आराधना की जाती है और देश में काशी ही है जहां स्थापित हैं नौ गौरियों का मंदिर। तो जानते हैं कब से आरंभ हो रहा है वासंतिक नवरात्र, कलश स्थापना का क्या है शुभ मुहूर्त, क्या कहते हैं काशी के ज्योतिषि वेदमूर्ति शास्त्री...

वाराणसी

Published: March 26, 2022 08:29:16 pm

वाराणसी. वैसे तो साल में चार नवरात्र होते हैं लेकिन दो गुप्त नवरात्र होते हैं। अन्य दो नवरात्र में से एक आश्विन मास (क्वार का महीना) में और दूसरा चैत्र मास में। आश्विन मास के नवरात्र को शारदीय नवरात्र और चैत्र मास के नवरात्र को चैत्र नवरात्र या वासंतिक नवरात्र कहते हैं। शारदीय नवरात्र में जहां शक्ति स्वरूपा मां भगवती की आराधना होती है तो वासंतिक नवरात्र में नौ गौरियों के पूजन की मान्यता है। वासंतिक नवरात्र के पहले दिन से ही नव संवत्सर का शुभारंभ होता है। इस बार वासंतिक नवरात्र दो अप्रैल से आरंभ हो रहा है। तो जानते हैं इस वासंतिक नवरात्र के बारे में काशी के ज्योतिषी आचार्य वेदमूर्ति शास्त्री से..
वासंतिक नवरात्र
वासंतिक नवरात्र
दो अप्रैल से शुरू होने वाला वासंतिक नवरात्र पूरे नौ दिन का

ज्योतिषाचार्य पंडित वेदमूर्ति शास्त्री ने पत्रिका को बताया कि वासंतिक नवरात्र दो अप्रैल से आरंभ होगा और ये नवरात्र पूरे नौ दिन का है। किसी तिथि की हानि या वृद्धि नहीं है।
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
मंदिर हो या गृह्थ का घर इस बार वासंतिक नवरात्र के पहले दिन सुबह 11.27 बजे से पूर्व कलश स्थापना की जाएगी।

देवी के आगमन और प्रस्थान की सवारी
देवी का आगमन शनिवार को हो रहा है, ऐेसे में धर्म ग्रंथों के अनुसार शनिवार को देवी का आगमन अश्व पर माना जाता है। वहीं देवी का प्रस्थान सोमवार को हो रहा है तो मान्यता अनुसार इस बार देवी का प्रस्थान महिष पर होगा।
देवी के आगमन और प्रस्थान के वाहन के मुताबिक वर्ष फल
ज्योतिषाचार्य वेदमूर्ति के अनुसार देवी भगवती के आगमन और प्रस्थान के वाहन के आधर पर कहा जा सकता है कि देश पर आपत्ति आ सकती है। राजा को कष्ट, रोग, शोक आदि हो सकता है।
-शुक्रवार 8 अप्रैल को महाअष्टमी और शनिवार 9 अप्रैल को महानवमी

-नौ अप्रैल को ही मनाई जाएगी रामनवमी

-नव संवत्सर के राजा और मंत्री

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

DGCA ने इंडिगो पर लगाया 5 लाख रुपए का जुर्माना, विकलांग बच्चे को प्लेन में चढ़ने से रोका थापंजाबः राज्यसभा चुनाव के लिए AAP के प्रत्याशियों की घोषणा, दोनों को मिल चुका पद्म श्री अवार्डIPL 2022 के समापन समारोह में Ranveer Singh और AR Rahman बिखेरेंगे जलवा, जानिए क्या कुछ खास होगाबिहार की सीमा जैसा ही कश्मीर के परवेज का हाल, रोज एक पैर पर कूदते हुए 2 किमी चलकर पहुंचता है स्कूलकर्नाटक के सबसे अमीर नेता कांग्रेस के यूसुफ शरीफ और आनंदहास ग्रुप के होटलों पर IT का छापाPM Modi in Gujarat: राजकोट को दी 400 करोड़ से बने हॉस्पिटल की सौगात, बोले- 8 साल से गांधी व पटेल के सपनों का भारत बना रहाOla, Uber, Zomato, Swiggy में काम करके की पढ़ाई, अब आईटी कंपनी में बना सॉफ्टवेयर इंजीनियरपंजाब की राह राजस्थान: मंत्री-विधायक खोल रहे नौकरशाही के खिलाफ मोर्चा, आलाकमान तक शिकायतें
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.