Chhath Puja 2018: 13 नवंबर को मनाया जाएगा छठ, पूजा में जरूर रख लें ये सामग्री

Chhath Puja 2018: 13 नवंबर को मनाया जाएगा छठ, पूजा में जरूर रख लें ये सामग्री

Sarweshwari Mishra | Publish: Nov, 10 2018 03:52:23 PM (IST) Varanasi, Uttar Pradesh, India

कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष के चतुर्थी से सप्तमी तिथि तक छठ पर्व मनाया जाता है यह पर्व

वाराणसी. यूपी से बिहार तक मनाया जाने वाला छठ पूजा कार्तिक शुक्ल पक्ष की तिथि से प्रारंभ होता है। इस साल यह पर्व 13 नवम्बर को मनाया जाएगा। ये पूजा चार दिन का होता है। छठ पूजा के चार दिवसीय अनुष्ठान में पहले दिन नहाय-खाए दूसरे दिन खरना और तीसरे दिन डूबते हुए सूर्य की पूजा और चौथे दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देते हैं। इसमें भगवान सूर्यदेव की पूजा होती है। पूजा के बारे में पूरी जानकारी होने जाहिए. ताकि कोई पाप ना हो पाए. जिससे कि छठ पूजा अच्छे से पूर्ण हो जाए।

 


कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष के चतुर्थी से सप्तमी तिथि तक छठ पर्व मनाया जाने वाला यह व्रत मुख्य रुप से पुत्र की प्राप्ति के लिए किया जाता है। इस दिन विवाहित महिलाएं बिना पानी पिए पूरे दिन व्रत करती हैं। ताकी उनके पुत्र की लम्बी आयु हो। छठ व्रत की सामग्री का बहुत महत्व माना जाता है। इस दिन छठ पर छठी मैया की पूजा होती है। ये पर्व मुख्य रुप से बिहार झारखंड, उत्तर प्रदेश राज्यों में मनाया जाता है।

 


छठ पूजा के लिए जरूरी सामग्री
छठ पूजा में सबसे पहले प्रसाद के लिए बांस की तीन टोकरी का प्रयोग करना चाहिए। फिर बॉस या पीपल के सूप का प्रयोग करना चाहिए। उसके साथ ही लोटा, थाली या गिलास के साथ नारियल और साड़ी-कुर्ता पायजामा का प्रयोग करना चाहिए। पूजा में गन्ना पत्तों के साथ-साथ हल्दी अदरक हरा पौधा, सुथनी फल के लिए शकरकंदी, नाशपाती, नींबू बड़ा उपयोग होता है साथ ही पूजा के लिए शहद की डिब्बी, पान सुपारी, कैराव, माता के लिए सिंदूर, कपूर, कुमकुम, अक्षत के लिए चावल, चन्दन, पसाद के लिए ठेकुआ, मालपुआ, खीर-पूड़ी, खजूर, सूजी का हलवा, चावल का बना लड्डू, सेब, सिंघाड़ा साथ ही मूली का प्रयोग होता है।

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